चुनाव में जीत हासिल करने के लिए रात दिन दौड़ रहे प्रत्याशी भगवान कृष्ण से भी आशीर्वाद मांग रहे हैं। गुजरात की अलग-अलग विधानसभाओं के 50 प्रत्याशियों ने भगवान द्वारिकाधीश के चरणों में अर्जी लगाई है।
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अपने पुरोहितों के माध्यम से पूजा करा रहे हैं। वहीं उत्तर प्रदेश के निकाय चुनाव में किस्मत आजमाने वाले 150 उम्मीदवारों ने भी मथुरा-वृंदावन में अपनी जीत के लिए पूजा कराई है।
उत्तरप्रदेश में निकाय चुनाव चल रहे हैं, जबकि गुजरात में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। गुजरात में भाजपा और दूसरी पार्टियों ने अपने प्रत्याशी मैदान में उतार दिए हैं। गुजरात के लोगों की भगवान द्वारिकाधीश, गिरिराज और यमुना मैया में गहरी आस्था है। कोई भी शुभ कार्य इनकी पूजा के बिना शुरू नहीं करते।
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गुजरात के चुनावों में अलग-अलग पार्टियों से किस्मत आजमाने वाले करीब 50 प्रत्याशियों ने अपने पुरोहितों के माध्यम से द्वारिकाधीश की पूजा कराकर जीत का आशीर्वाद मांगा है। किसी ने मंगला भोग कराया तो किसी ने राजभोग की सेवा। किसी ने शृंगार कराया तो किसी ने पूरे दिन की सेवा ली है।
द्वारिकाधीश मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
द्वारिकाधीश मंदिर के मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी का कहना है कि 30 से ज्यादा फोन तो उनके पास ही आ गए, जिन्होंने भगवान के लिए मंगला भोग और राजभोग के लिए कहा है। उन्होंने बताया कि गुजरात में सबसे ज्यादा भक्त हैं द्वारिकाधीश के।
वहीं निकाय चुनाव में मेयर, नगर पालिका चेयरमैन, नगर पंचायत अध्यक्ष, पार्षद और सभासद के प्रत्याशी भी भगवान कृष्ण से जीत मांग रहे हैं। आगरा, मथुरा, अलीगढ़, बरेली, गाजियाबाद, नोएडा, मेरठ, बुलंदशहर, मुरादाबाद, कानपुर, फैजाबाद, इलाहाबाद और वाराणसी तक के लोगों ने अपने पुरोहितों से पूजा कराई है।
वृंदावन के बांकेबिहारी मंदिर में आशीर्वाद के लिए प्रत्याशियों के पत्र तो पहुंच ही रहे हैं उम्मीदवार अपने पुरोहितों के माध्यम से पूजा भी करा रहे हैं। श्री बांकेबिहारी मंदिर वृंदावन के सेवायत प्रहलाद गोस्वामी का कहना है कि 10 पत्र तो उनके पास आ चुके हैं। मंदिरों में तो रोज चिट्ठियां पहुंच रही हैं।
गिरिराज जी के पास भी उम्मीदवार पहुंच रहे हैं। किसी की पत्नी तो किसी के परिवार के दूसरे लोग गिरिराज जी की परिक्रमा लगाने आ रहे हैं। गुजरात चुनाव में दम दिखाने वाले कई नेता नामांकन से पहले गिरिराज जी की परिक्रमा लगाकर जा रहे हैं। अहमदाबाद, राजकोट, बड़ौदरा, सूरत, कच्छ, अंकलेश्वर, सोमनाथ तक के लोग पहुंच रहे हैं।