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Agra: एसएन में कैंसर यूनिट शुरू, दिमाग-फेफड़े की भी हो सकेगी रेडियोथेरेपी; जानें कितना देना होगा शुल्क

Thu, 06 Feb 2025 12:04 AM IST
अरुन पाराशर अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

मशीन से दिमाग में ट्यूमर, फेफड़े, किडनी समेत अन्य हिस्सों में कैंसर होने पर जख्म की सटीक सिकाई हो सकेगी। अभी रोजाना 10 मरीजों को रेडियोथेरेपी दी जाएगी।
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एसएन में लगी रेडियोथेरेपी की मशीन। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में कैंसर यूनिट शुरू हो गई है। इसमें 30 करोड़ रुपये की लीनियर एक्सीलरेटर मशीन लगाई है। इससे दिमाग, फेफड़े समेत शरीर के किसी भी हिस्से में कैंसर होने पर रेडियोथेरेपी संभव है। यहां बेहद ही रियायती दर पर मरीजों को इलाज की सुविधा मिलेगी। अब मरीजों को दूसरे शहरों में इलाज के लिए नहीं जाना पड़ेगा।
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प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि ने बताया कि ये एडवांस मशीन है। इसमें 24 करोड़ रुपये की लीनियर एक्सीलरेटर और पांच करोड़ रुपये का सीटी सिम्युलेटर मशीन है। एसजीपीजीआई के बाद आगरा में ये मशीन लगी है। इस मशीन से कैंसर के जख्म की सटीक सिकाई होगी।

इसकी जांच बेहद महंगी होती है, यहां पर एक तिहाई कीमत से कम में ये सुविधा मिलेगी। इस यूनिट के शुरू होने पर आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, एटा, इटावा, हाथरस, अलीगढ़, धौलपुर, भरतपुर समेत अन्य जिलों के मरीजों को लाभ मिलेगा।
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उद्घाटन करते हुए केंद्रीय राज्यमंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल ने कहा कि कैंसर के मरीज 100 गुना की दर से बढ़ रहे हैं। इससे मरीजों को बड़ी सुविधा होगी। मोदी-योगी की सरकार सही मायने में लोगों की भलाई के लिए कार्य कर रही है।

महापौर हेमलता दिवाकर, उच्च शिक्षामंत्री योगेंद्र उपाध्याय, विधायक डॉ. जीएस धर्मेश, विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, छोटेलाल वर्मा, भगवान सिंह कुशवाहा और विधान परिषद सदस्य विजय शिवहरे ने भी मरीजों के लिए बड़ी सुविधा बताया।

बढ़ जाएगी ठीक होने की दर
कैंसर रोग विभागाध्यक्ष डॉ. सुरभि गुप्ता ने बताया कि इस मशीन से दिमाग में ट्यूमर, फेफड़े, किडनी समेत अन्य हिस्सों में कैंसर होने पर जख्म की सटीक सिकाई हो सकेगी। अभी रोजाना 10 मरीजों को रेडियोथेरेपी दी जाएगी, अधिकतम 30 मरीज रोजाना कर सकते हैं।

इससे रेडियोथेरेपी से मरीज में दुष्प्रभाव बेहद कम होंगे और ठीक होने की दर भी 30 फीसदी अधिक होगी। इसमें 20 तकनीकी स्टाफ हैं, जो मरीज का ट्रीटमेंट प्लान बनाने के बाद रेडिएशन दिया जाएगा।
चौड़ी दीवारों का बना है बंकर

लेडी लॉयल परिसर में कैंसर यूनिट बनी है। इस मशीन से निकलने वाली रेडिएशन बेहद खतरनाक हैं। इससे स्वस्थ लोगों पर दुष्प्रभाव पड़ता है। इसको रोकने के लिए 3.5 मीटर चौड़ी कंक्रीट की दीवारों से बंकर बनाया है। इससे रेडिएशन बाहर नहीं आए और कोई प्रभावित न हो।
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इन जांचों की ये फीस
सीटी सिमुलेशन: 1000 रुपये।
इलेक्ट्रॉन ट्रीटमेंट- 2500 रुपये से 10 हजार रुपये।
आईएमआरटी: 5000 से 20 हजार रुपये।
स्टीरियोटैक्टिक रेडियोसर्जरी: 20 से 50 हजार रुपये।
टेलीग्राफी: 5 से 15 हजार रुपये।



 
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