आगरा के बेलनगंज भैरव बाजार में केनरा बैंक की जर्जर इमारत अचानक गिर गई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हादसे के वक्त कर्मचारी लंच पर थे, जिससे सभी सुरक्षित बच गए और बड़ा हादसा टल गया।
आगरा के थाना छत्ता के भैरों बाजार में निर्माणाधीन कृष्णा मेट्रो मॉल के लिए बेसमेंट की खुदाई चल रही थी। इससे बृहस्पतिवार को 56 साल पुरानी केनरा बैंक ढह गई। उस समय बैंक में मौजूद 11 कर्मचारी और चार ग्राहक बाल-बाल बच गए। उन्होंने खुद भागकर अपने को सुरक्षित जगह पहुंचाया। इस हादसे से बाजार में अफरातफरी मच गई। दुकानों को छोड़कर दुकानदार भाग गए। लोगों ने आरोप लगाया कि बिल्डर ने नियमों के ताक पर रखकर निर्माण कार्य कराया है। 40 फीट तक पोकलेन मशीन से खुदाई की वजह से बैंक की नींव हिल गई।
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भैरों बाजार में 1970 से किराये के भवन में केनरा बैंक संचालित है। 40 साल पहले इस भवन में शिफ्ट हुई थी। इसके बराबर में भूखंड पर एक साल से कृष्णा मेट्रो मॉल का निर्माण कार्य चल रहा है। अगले हिस्से में बेसमेंट की खुदाई का कार्य चल रहा था। केनरा बैंक के अगले हिस्से में कस्टमर लॉबी है। बीच में कर्मचारियों के केबिन और पिछले हिस्से में लॉकर और करेंसी चेस्ट था।
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बैंक मैनेजर रजनीश त्रिपाठी ने बताया कि बृहस्पतिवार को उनके साथ कर्मचारी दोरेंद्र पाल सिंह, जयशंकर प्रसाद, हिमांशु अंबेश, नवीन कुमार, रीतेश निगम, पुष्पेंद्र पिप्पल, उमंग अग्रवाल, अभय, वीरेंद्र, गार्ड गिरीश कुमार मौजूद थे। चार ग्राहक भी आए थे। दोपहर 2 बजे लंच होने पर सभी ने अपने टिफिन खोले और आगे के हिस्से में बैठे हुए थे। अचानक एक तरफ की दीवार पर लगा एसी सरकने लगा। फर्नीचर भी खिसकने लगे। इससे कर्मचारी घबरा गए। वह बचने के लिए भागे। गिरीश कुमार आखिर में निकले। तब तक बैंक के मध्य का बड़ा हिस्सा बेसमेंट खुदाई की तरफ भरभराकर ढह गया।
लंच न होता तो जाती कई की जान
बाजार में दुकान चलाने वाले राजीव कुमार ने बताया कि मलबा गिरने से तेज आवाज हुई। ऐसा लगा कि भूकंप आ गया है। धूल का गुबार उठने लगा। पहले लग रहा था कि बैंक में कई लोग दब गए होंगे। सूचना पर पुलिस और दमकल पहुंच गई। पुलिस ने दोनों तरफ का रास्ता रोक दिया। बैंककर्मियों से पूछताछ की गई। पता चला कि लंच होने की वजह से ग्राहक कम थे। चार ग्राहक ही बेंच पर बैठे थे। वह भी समय रहते बाहर निकल आए। हालांकि पुलिस ने दबे होने की आशंका पर बुलडोजर से मलबा हटवाया। मगर शाम तक कोई नहीं मिला। लोगों का कहना था कि अगर लंच नहीं होता तो कई लोगों की जान जा सकती थी। बैंक के जिस हिस्से में हादसा हुआ है, वहां केबिन थे। कर्मचारियों के साथ ग्राहक बैठते थे।
पास है दो मंजिल बेसमेंट खुदाई का नक्शा
क्षेत्रीय निवासी मेघराज ने बताया कि रात के समय मॉल के लिए बेसमेंट की खुदाई काम चलता है। इसके लिए पोकलेन मशीन लगाई जाती है। निर्माण के दौरान लापरवाही की जाती है। रात में ही मलबा हटा दिया जाता है। दिन में काम रोक दिया जाता है। चर्चा है कि दोमंजिल बेसमेंट का नक्शा पास है मगर खुदाई 40 फीट तक हो रही थी। उन्होंने अधिकारियों पर मिलीभगत के आरोप भी लगाए।
पुलिस कर रही जांच, शिकायत का इंतजार
एसीपी छत्ता शेषमणि उपाध्याय ने बताया कि विनोद अग्रवाल और राकेश कोहली के मॉल का नक्शा पास कराने की बात सामने आई है। इसमें विशाल, रजत आदि साझीदार बताए गए हैं। बेसमेंट खुदाई की वजह से हादसा हुआ है। इसकी जांच कराई जा रही है। मलबे में किसी के दबे होने की बात सामने नहीं आई है। मामले में लिखित शिकायत के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।