मैनपुरी। छुट्टा गोवंश को गोशालाओं में पहुंचाने के मुख्यमंत्री के आदेश धरातल पर पूरे नहीं हो रहे हैं। अधिकारियों द्वारा चलाए गए अभियान बेअसर ही रहे हैं। अभियान के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ है। खुले में घूम रहे छुट्टा गोवंश राहगीरों और किसानों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं।
सरकार के निर्देश पर अधिकारियों ने छुट्टा गोवंश को गोशालाओं में संरक्षित करने के लिए जोरदार तरीके से अभियान चलाया। ब्लॉक और तहसील स्तरीय अधिकारियों ने अभियान चलाकर गोवंशों को गोशालाओं में संरक्षित भी किया। इसके बाद भी लोगों को छुट्टा गोवंश की समस्या से निजात नहीं मिल सकी है। शहर में सड़कों पर तथा देहात में खेतों में छुट्टा गोवंशों के झुंड घूमते दिखते हैं। खेतों में घुसकर छुट्टा गोवंश किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं। वहीं, सड़कों पर घूमने वाले छुट्टा गोवंश से रात के अंधेरे में टकराकर वाहन चालक चोटिल हो रहे हैं। इससे लोगों को समस्या का सामना करना पड़ता है।
शहर में हर सड़क पर छुट्टा गोवंश पूरे दिन घूमते नजर आते हैं। छुट्टा गोवंश हिंसक होकर लोगों पर हमला तक कर देते हैं। बाजार में खुले में घूमने वाले छुट्टा गोवंश से सबसे ज्यादा परेशान हथठेल वाले होते हैं। छुट्टा गोवंश हथठेल पर रखे सामान को नुकसान पहुंचते हैं। दुकानदार द्वारा हथठेल से छुट्टा गोवंश को भगाते हैं तो सड़क पर भागते समय वह राहगीरों पर हिंसक हो जाते हैं। इससे राहगीर चोटिल हो जाते हैं। छुट्टा गोवंश खेतों में घुसकर किसानों की उपज को नुकसान पहुंचाते हैं।
घिरोर में भी छुट्टा गोवंश से किसान और राहगीर परेशान हैं। छुट्टा गोवंश के झुंड खेतों में पहुंचकर किसानों की फसल चौपट कर रहे हैं। घिरोर में गोवंश पकड़वाने के लिए अभियान चलाया गया, लेकिन फिर भी सुबह या शाम को छुट्टा गोवंश सड़कों पर और खेतों में घूम रहे हैं। सड़क पर घूम रहे छुट्टा गोवंश से टकराकर वाहन चालक चोटिल हो जाते हैं। खेतों में घुसने वाले छुट्टा गोवंश हिंसक होकर किसानों पर हमला कर देते हैं। बाजार में घूूूमने वाले छुट्टा गोवंश से राहगीर परेशान होते हैं।
शहर से लेकर देहात तक छुट्टा गोवंश से लोग परेशान हैं। बाईपास पर कोल्ड स्टोर, बिधूना चौराहा, कटरा समान चौराहा पर पूरे दिन छुट्टा गोवंश झुंड के रूप में जमा रहते हैं। राहगीरों को परेशानी होती है। शहर में घूमने वाला एक गोवंश राहगीरों पर कई बार हमला कर चुका है। देहात में खुले में घूमने वाले गोवंश झुंड के रूप में खेतों में घुसकर फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं। किसानों का कहना है कि उनकी शिकायतों पर सुनवाई नहीं होती है। रात दिन खेतों में खड़ी फसलों की रखवाली करनी पड़ती है। जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई के नाम पर खानापूरी करते हैं।