शहर में कई जगह रैन बसेरे हैं। ये हैं कहां, इसकी जानकारी वहीं लगे बोर्ड तक है। लोगों की आवाज़ाही वाली जगह ऐसी जानकारी कतई नहीं हैं। इन्हीं में से एक आईएसबीटी ( इंटर स्टेट बस टर्मिनल ) और उसका परिसर है। रैन बसेरे की जानकारी न होने पर लोगों को खुले में रात गुजारने को मजबूर होना पड़ रहा है। इन्हें देखकर लोग सवाल कर बैठते हैं कि जब इन मज़बूरों का आसमान के नीचे डेरा है तो फिर रैन बसेरा कहां है।