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राजस्थान से आया है, उत्तराखण्ड भेजा जाएगा

Wed, 27 Apr 2016 01:56 AM IST
अमर उजाला आगरा
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राजस्थान से आया है, उत्तराखण्ड भेजा जाएगा - फोटो : Amar Ujala
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तेंदुए पर सबसे बडा़ सस्पेंस यही बना हुआ कि आखिर यह वन्य जीव घनी आबादी वाले न्यू आगरा में पहुंचा कैसे? वन विभाग के अधिकारियों ने भी इस सवाल पर अच्छी खासी माथापच्ची की है। माना जा रहा है कि यह राजस्थान से आया है। पिछले दिनों ऐसी सूचना मिली थी कि  वहां से तीन-चार तेंदुए यूपी की सीमा में आए हैं। इनमें से एक  कुछ दिन पहले मथुरा के बलदेव में नजर आया है। यह वही तेंदुआ हो सकता है। आगरा से बलदेव काफी नजदीक है।
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एक अन्य तेंदुआ फीरोजाबाद में घुस आया था। उसे पकड़कर उत्तराखण्ड में देहरादून के पास जंगल में छोड़ा गया था। न्यू आगरा में मिले तेंदुए को भी वहीं भेजने की तैयारी है। वन विभाग के अधिकारियों की मानें तो गर्मी आते ही तेंदुओं के शहरी आबादी में घुसने की वजह फसल कट जाना हो सकती है। कुछ दिन पहले आगरा के फतेहपुर सीकरी में भी एक तेंदुआ नजर आया था। इसके अलावा आगरा के ही केंट एरिया में तेंदुआ दिखाए दिए जाने की सूचना वन विभाग को मिली थी। हालांकि इन दोनों में से कोई तेंदुआ पकड़ा नहीं गया।
दरअसल, वन्य क्षेत्र के आस पास के खेतों में तेंदुए आ जाते हैं। फसल कटने पर ये बिछुड़ जाते हैं। फिर एक दूसरे की तलाश में भटकते भटकते शहरी आबादी में पहुंच जाते हैं। न्यू आगरा में मिला तेंदुआ नर है। हो सकता है कि यह मादा की तलाश में भटकता हुआ यहां तक चला आया हो। तेंदुए एक रात में 20 मील की दूरी तय कर लेते हैं।
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उधर, कीठम में 200 भालुओं के पास रखा गया तेंदुआ चार दिन के भीतर ही उत्तराखण्ड भेज दिया जाएगा। वन विभाग इसकी तैयारी में लगा है। कीठम में भालू संरक्षण केंद्र है जहां कलंदरों से छुड़ाए गए 200 भालू रहते हैं। तेंदुआ इनसे थोड़ी दूरी पर रखा गया है।
... तो कोठी में दो दिन रहा तेंदुआ
आगरा। न्यू आगरा के सुरेश नगर में तेंदुआ सोमवार सुबह 11:30 बजे नजर आया। माना जा रहा है कि यह इससे पहले रात में ही आ गया था। लेकिन यहां के कुछ लोगों का कहना है कि यह दो दिन से कोठी के भीतर ही था। इसे एक चौकीदार ने शनिवार की रात में देखा था। इसकी आंखें चमक रही थी। उसने पुलिस की चीता मोबाइल को इस बारे में बताया था लेकिन पुलिस ने हंसी में यह कहकर टाल दिया, हम चीते हैं, हमारे सामने कौन तेंदुआ आ सकता है। पुलिस को शायद इसलिए यकीन नहीं हुआ क्योंकि यहां आस पास कोई जंगल नहीं है।
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