सिनेमाघर में लगी फिल्म को केबल नेटवर्क के जरिए ग्राहकों को दिखाने के मामले में अदालत ने 25 साल बाद फैसला सुनाया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) शारिब अली ने कॉपीराइट एक्ट एवं उत्तर प्रदेश चलचित्र विनियमन अधिनियम के आरोप में बिरजू केबल नेटवर्क, काजीपाड़ा के संचालक ब्रजमोहन को डेढ़ साल कारावास के साथ 3,500 रुपये के जुर्माने के सजा सुनाई।
थाना रकाबगंज में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, ज्वाला टॉकीज के संचालक हकीकत राय और रचित मेहरोत्रा और मैनेजर चांद खां ने तहरीर देकर बताया कि वर्ष 2001 में ज्वाला टॉकीज में गदर फिल्म लगी हुई थी। आरोप है कि काजीपाड़ा स्थित बिरजू केबल नेटवर्क के संचालक ब्रजमोहन द्वारा वीसीडी के माध्यम से अपने ग्राहकों को फिल्म गैरकानूनी तरीके से दिखा रहा था।
सूचना पर तत्कालीन सहायक मनोरंजन कर आयुक्त जीपी अहिरवार, मनोरंजन कर निरीक्षक पीएन वर्मा, भरत सिंह और अमरनाथ की संयुक्त टीम ने 26 जून 2001 की शाम 4:30 बजे बिरजू केबल नेटवर्क पर छापा मारा। टीम ने वहां से गदर फिल्म की सीडी, वीसीडी, अन्य फिल्मों की सीडी और रजिस्टर आदि बरामद किए। थाना रकाबगंज पुलिस ने ब्रजमोहन के विरुद्ध कॉपीराइट एक्ट एवं उत्तर प्रदेश चलचित्र विनियमन अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी।
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