आगरा के बरहन थाना क्षेत्र में एक परचून व्यापारी के बेटे ने ऑनलाइन गेम खेलने में 4.25 लाख रुपये गंवा दिए। बैंक पहुंचने पर पिता को यह जानकारी हुई। साइबर थाने में शिकायत की गई है। पुलिस ने बताया कि व्यापारी के बेटे ने ऑनलाइन गेम के दौरान कई नए विकल्प लेने के लिए ऑटो मोड चालू कर दिया था। जिससे खाते से रकम कट गई।
गाजियाबाद में कोरियन लवर गेम खेलने वालीं तीन बहनों ने अपार्टमेंट से कूदकर आत्महत्या कर ली थी। इस घटना के बाद से अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। ताजा मामला बरहन के परचून व्यापारी का है। वह ऑनलाइन लेन-देन करते हैं। उनका 15 वर्षीय बेटा तीन साल से मोबाइल पर फ्री फायर गेम खेल रहा था।
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व्यापारी को फरवरी के पहले सप्ताह में पता चला कि उनके खाते से 4.25 लाख रुपये कट गए हैं। इस पर वह बैंक गए। तब पता चला कि खाते से रकम ऑनलाइन गेमिंग कंपनी के खाते में गई है। साइबर ठगी की आशंका पर साइबर क्राइम थाने में शिकायत की। पुलिस की जांच में सामने आया कि व्यापारी के बेटे ने दिसंबर 2025 से फरवरी तक गेम खेलने के दौरान रकम ट्रांसफर की थी।
गेम में विशेष विकल्प के लगते हैं रुपये
पुलिस के मुताबिक, व्यापारी का बेटा जो गेम खेल रहा था, उसमें कई तरह के विकल्प आते हैं। इसमें एक विकल्प से सामान्य रूप से गेम खेला जा सकता है जबकि अच्छे हथियार और अन्य उपकरण के लिए रकम चुकानी होती है। अगर ऑटो मोड पर खाते को अटैच करके गेम से लिंक कर दिया जाए तो विकल्प चुनने पर खुद-ब-खुद रकम कट जाती है। इसके लिए मोबाइल पर एक मैसेज आता है, उस पर क्लिक करना होता है। व्यापारी का बेटा भी लिंक पर क्लिक कर रहा था। विकल्प चुनने के बाद मैसेज को डिलीट कर देता था। इस कारण व्यापारी को भनक नहीं लग सकी। जिन खातों में रकम गई है, उनकी डिटेल निकलवाई जा रही है।
बच्चों की गतिविधि पर रखें नजर
डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास के मुताबिक, कम उम्र के बच्चों को मोबाइल प्रयोग करने के लिए नहीं दें। अगर वह ऑनलाइन गेम खेल रहे हैं तो उनकी गतिविधि पर नजर रखें। उन्हें ऐसा मोबाइल नहीं देना चाहिए जिसमें ऑनलाइन रकम का आदान-प्रदान करने वाले एप्लीकेशन संचालित हो रहे हों। टास्क और चैलेंज्ड आधारित गेम से विशेष रूप से सावधान रहें।