फतेहाबाद के निबोहरा क्षेत्र के गांव गढ़ी गुसाईं में आटा चक्की व्यापारी ने ऊर्जा निगम के जेई (कनिष्ठ अभियन्ता) और एक कर्मचारी पर उत्पीड़न का आरोप
लगाते हुए खुदकुशी कर ली।
उन्होंने सुसाइड नोट छोड़ा है। घटना से लोगों में जबरदस्त गुस्सा है। पुलिस ने व्यापारी के बेटे की तहरीर पर जेई तथा संविदाकर्मी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। बेटे का कहना है कि जेई हर महीने पैसे लेते थे।
निबोहरा थाने के गांव गढ़ी गुसाईं निवासी आटा चक्की संचालक कनुआ शर्मा (65) पुत्र गयाप्रसाद शर्मा का शव गुरुवार की सुबह फंदे पर लटकता मिला। मौके पर मिले सुसाइड नोट से पता चला कि आत्महत्या के लिए ऊर्जा निगम के जूनियर इंजीनियर पदम सिंह को जिम्मेदार ठहराया गया है।
परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। थानाध्यक्ष निबोहरा विनोद कुमार के सामने मौके पर जमा ग्रामीण तथा मृतक के परिजनों ने कार्रवाई की मांग करते हुए हंगामा भी किया।
सूचना पर पहुंचे तहसीलदार कृष्ण मुरारी दीक्षित ने हर संभव मदद का आश्वासन देकर लोगों को शांत कराया। वहीं सूचना पर भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष सोमवीर यादव और जिला उपाध्यक्ष राना बाबू रघुवंशी आदि भी पहुंच गए। उन्होंने भी मृतक के परिजनों को न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया।
मृतक के बेटे और परिवार के अन्य लोगों का कहना है कि उनका 30 साल पुराना कनेक्शन था। जेई ट्रांसफार्मर से लाइन डलवाकर चक्की चलवाते थे। इसके लिए हर महीने रुपये लेते थे। बेटे ने बताया कि बीती रात भी संविदाकर्मी जगदीश उनके पिता से 50 हजार रुपये लेकर गया था। विद्युतकर्मियों के इसी उत्पीड़न से त्रस्त होकर उनके पिता कनुआ राम ने आत्महत्या की है।
उपखंड अधिकारी फतेहाबाद प्रियांशु साहू ने बताया कि लखनऊ से आई टीम ने बुधवार को बिलईपुरा फीडर के गांव में चेकिंग की थी। इस दौरान कनुआ की आटा चक्की कटिया डालकर चलती मिली थी। उसके खिलाफ बिजली चोरी की कार्रवाई की संस्तुति टीम ने की थी।
आरोपी जेई को हटाया
उपखंड अधिकारी ने बताया कि आरोपों के घेरे में आए बिलईपुरा फीडर के जेई पदम सिंह को हटा दिया गया है और मामले की जांच की जा रही है। साथ ही संविदाकर्मी के खिलाफ भी जांच की जा रही है। आरोप सिद्ध होने पर उस पर भी कार्रवाई की जाएगी।