आगरा के दवा माफिया विजय गोयल की फैक्टरी से जांच के लिए भेजे गए 11 नमूने फेल हो गए। वहीं दो दवाएं नकली पकड़ में आई हैं। जांच के लिए 40 से अधिक नमूने भेजे गए थे। अभी टैबलेट की रिपोर्ट आई है।
आगरा के दवा माफिया विजय गोयल की फैक्टरी में बन रही नकली और नशे की दवाओं की लैब रिपोर्ट आ गई है। इसके 11 नमूनों की रिपोर्ट आई है, सभी फेल हैं। इसमें दो नकली मिली हैं और बाकी में अल्प्रोजोलम (नशीली दवा) की पुष्टि हुई है।
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सहायक आयुक्त औषधि अतुल उपाध्याय ने बताया कि 8 जुलाई को विजय गोयल की सिकंदरा और जगदीशपुरा क्षेत्र में दो अवैध फैक्टरियों में छह करोड़ रुपये की नकली और नशे के लिए अल्प्राजोलम टेबलेट और कोडीन सिरप बरामद हुए थे। करीब 50 लाख की दवाएं जब्त की थी। इन सभी के 40 नमूने लैब में भेजे थे, जिसमें से 11 नमूने फेल हुए हैं। इनमें दो बैच की अल्प्राटेस-5 एमजी टेबलेट नकली मिली। इसमें आवश्यक तत्व नहीं थे। नौ नमूनों में नारकोटिक्स पाउडर मिला है। चीन, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश से मंगवाता था।
बांग्लादेश के अलावा देश के आठ राज्यों में इनकी नशे के लिए कालाबाजारी करता था। नशे के आदी लोग एमआरपी से आठ गुना तक खरीदते थे। अभी कोडीन सिरप के नमूनों की रिपोर्ट नहीं आई है।
पुलिस ने विजय गोयल की दो फैक्टरी में कार्रवाई की थी। दवाएं पकड़ी गई थीं। विजय गोयल पुलिस के हाथ नहीं आया था। उसने कोर्ट में समर्पण किया था। पुलिस ने उसे रिमांड पर लिया था। इसके बाद बिचपुरी में दो गोदाम से नशे के सिरप और नींद की गोलियां बरामद की थीं। पूछताछ में सरगना ने कई और लोगों के नाम बताए थे। इनमें कच्चे माल को भेजने वालों से लेकर नकली दवाओं को खरीदने वाले भी शामिल थे। कोतवाली बाजार के कई और दवा व्यापारियों के नाम बताए थे। मगर, पुलिस अब तक एक भी आरोपी को नहीं पकड़ सकी है।