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चूड़ी बाजार में कारोबारी गतिविधियां चरमराईं

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रफ़रोजाबाद ! रसूलपुर फल मंडी स्थित लगने वाले गड्ढा बाजार में फडों पर सजी रंग बिरंगी चूड़ियां - फोटो : FIROZABAD
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फिरोजाबाद। कई प्रमुख ट्रेनों का संचालन न होने से शहर के प्रमुख चूड़ी गड्ढा बाजार में प्रतिमाह लाखों रुपये का कारोबार प्रभावित हो रहा है। फुटकर विक्रेता न आने के कारण करीब 500-700 से अधिक चूड़ी पथ विक्रेताओं की आजीविका ठप हो गई है।
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बिहार, बंगाल एवं पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर से आने वाली कई प्रमुख ट्रेनों का संचालन अभी नहीं हो रहा है। जो ट्रेनें चल रहीं हैं उनका छोटे स्टेशनों पर ठहराव नहीं होता। इस बंगाल, बिहार के साथ महाराष्ट्र सहित पूर्वी उत्तर प्रदेश में फड़ सजाने एवं गांवों में फेरी करके चूड़ी की बिक्री करने वाले छोटे व्यापारी माल की खरीदारी करने को नहीं आ पा रहे हैं। रसूलपुर क्षेत्र अंतर्गत लगने वाले गड्ढा बाजार में चूड़ी फड़ विक्रेता पथ विक्रेता हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।
इन ट्रेनों के माध्यम से आते हैं व्यापारी
मुरी एक्सप्रेस, फरक्का, ऊंचाहार, नीलांचल, जोधपुर-हावडा, तूफान एक्सप्रेस एवं मगध आदि करीब एक दर्जन ट्रेनें स्थानीय रेलवे स्टेशन पर रुकती है। फिलहाल इनका संचालन नहीं हो पा रहा है।
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प्रतिमाह होता है करीब एक करोड़ का चूड़ी कारोबार
चूड़ी गड्ढा बाजार में 500-700 फड़ सजते हैं। यहां प्रतिमाह करीब 50 लाख से एक करोड़ रुपये का कारोबार होता है। व्यापारियों की आमद नहीं होने से पथ विक्रेता खाली बैठे हैं।
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ऋण लेने वाले भी परेशान
रमेश, गौरीशंकर, प्रमिला देवी ने पीएम स्वनिधि योजना के जरिये 10-10 हजार का बैंक ऋण लिया था। खुद फैंसी चूड़ी व रंग-बिरंगे कडे़ तैयार बिक्री करने वालों का कारोबार शुरू में खूब चला ऋण की अदायगी भी की। उम्मीद थी कि ट्रेनों का ठहराव जल्द शुरू होगा। बाहरी व्यापारी आयेंगे तो माल बिक्री बढ़ेंगी।
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ठप है व्यापार
मध्यम दर्जे की चूड़ी क्रय कर उसे फैंसी चूड़ी अथवा कांच के कडे़ का आकार देते हैं। कोरोना के बाद प्रमुख ट्रेनों का ठहराव फिरोजाबाद में शुरू नहीं हुआ है। बिक्री ठप है। व्यापार में लगाई पूंजी को घर खर्च में इस्तेमाल करने को विवश हैं। -नरेश चंद्र, फड़ विक्रेता चूड़ी गड्ढा बाजार
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जल्द शुरू होना चाहिए ट्रेन
सुबह से शाम तक जेब खर्च लायक पैसे भी नहीं निकल रहे। आमदनी तो दूर की बात है। पीएम स्वनिधि योजना के जरिये दस हजार का बैंक कर्ज लिया। चिंता है कि उसे कैंसे भरेंगे। ट्रेनों का ठहराव जल्द शुरू होना चाहिये। -विनय कुमार, चूड़ी पथ विक्रेता
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