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Agra: छावनी का बंगला नंबर-23 पर जानें क्या है विवाद, जिस पर सिख समाज और पूर्व सांसद आए आमने-सामने

Mon, 03 Nov 2025 08:34 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

छावनी के बंगला नंबर 23 पर विवाद छिड़ गया है। पूर्व सांसद पर इस बंगला पर अवैध रूप से कब्जा करने की कोशिश का आरोप है।
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आगरा छावनी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा के थाना सदर क्षेत्र स्थित छावनी के बंगला नंबर 23 पर विवाद सामने आया है। गुरु तेग बहादुर चैरिटेबल ट्रस्ट के पदाधिकारियों का कहना है कि यह संपत्ति ट्रस्ट की है। पूर्व सांसद प्रभूदयाल कठेरिया ने अवैध रूप से कब्जा करने की कोशिश की है। वहीं, पूर्व सांसद का कहना है कि उन्हें बंगले में रहने का पूरा अधिकार दिया गया है। उनकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है।
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गुरुद्वारा गुरु का ताल से जुड़े संत राजेंदर सिंह ने पुलिस आयुक्त को दी शिकायत में कहा है कि बंगला नंबर-23, हैस्टिंग रोड, गुरु तेग बहादुर चैरिटेबल ट्रस्ट के स्वामित्व में है। ट्रस्ट ने उन्हें संपत्ति की देखरेख का अधिकार दिया है। बंगले के दक्षिणी हिस्से में पहले सुनीता लूथरा नामक महिला को मौखिक रूप से रहने की अनुमति दी गई थी।

बाद में उन्होंने बिना किसी अधिकार के सर्वेंट क्वार्टर पूर्व सांसद प्रभूदयाल कठेरिया को दे दिया, जिन्होंने वहां अपना कर्मचारी रखकर कब्जा कर लिया है। ट्रस्ट से जुड़े राजू सुलेजा ने कहा कि गुरु तेग बहादुर चैरिटेबल ट्रस्ट वर्ष 2008 में गठित हुआ था। वर्तमान में बाबा प्रीतम सिंह ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं। पूरे मामले की शिकायत पुलिस आयुक्त, रक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजी है। इसमें आरोप लगाया कि पूर्व सांसद बृहस्पतिवार रात को सामान लेकर बंगले पर पहुंचे थे। इसकी जानकारी पर ट्रस्ट के लोग पहुंचे। यह देखकर पूर्व सांसद सामान लेकर चले गए।
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दूसरी ओर, पूर्व सांसद प्रभूदयाल कठेरिया ने अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताया। कहा कि हमें इस संपत्ति का विधिवत कब्जा 4 सितंबर 2025 को दिया गया है, जिसमें सुनीता लूथरा रह रहीं थीं। सारे दस्तावेज उनके पास हैं। बंगले का बिजली कनेक्शन भी पत्नी के नाम पर है। पूरी वैधता के साथ वहां रह रहे हैं। वहीं, छावनी परिषद के जनसंपर्क अधिकारी कुलविंदर सिंह ने कहा कि परिषद को अब तक इस मामले में कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर जांच कराई जाएगी। डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि मामले की शिकायत मिलने पर साक्ष्य संकलन कर कार्रवाई कराई जाएगी।
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