मथुरा के आरएस बुलियन कंपनी के मालिक, पत्नी और बेटी की गोली मारकर बेरहमी से हत्या कर दी गई, जबकि बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया। कारोबारी परिवार के संग ससुराल जगन्नाथपुरी (मथुरा) से दिल्ली के मयूर विहार लौट रहे थे, तभी कारोबारी के संग वारदात को अंजाम दिया गया। खून से लथपथ बुलियन कारोबारी का परिवार बंद कार में एक्सप्रेसवे पर वृंदावन कट (माइल स्टोन-105) के पास झज्जर अंडरपास के नीचे मिला।
पीआरवी-1923 की सूचना पर पहुंची जमुनापार पुलिस ने शीशे तोड़कर निकाले तीन शव कब्जे में लिए, वहीं घायल बेटे को दिल्ली में भर्ती कराया। कार में लाइसेंसी पिस्टल और सुसाइड नोट भी मिला है। मृतक के साले की तहरीर पर हत्या और जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज किया गया है।
बुधवार की तड़के 4:30 बजे पीआरवी-1923 ने लावारिस हालत में झज्जर अंडरपास में कार खड़ी देखी। सूचना पर तत्काल जमुनापार पुलिस भी पहुंची तो देखा कार में सभी खून से लथपथ पड़े हैं। पुलिस ने शीशे तोड़कर देखा तो तीन की मौत हो चुकी थी, जबकि बच्चे की सांस चल रही थी। पुलिस ने बच्चे को तत्काल नयति हास्पिटल में भर्ती कराया। कार की जांच की गई तो लाइसेंसी पिस्टल और सुसाइड नोट भी मिला।
बुलियन कारोबारी को कार
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सीओ सदर रमेश तिवारी ने बताया कि मृतक की पहचान कार में मिले कागजात के आधार पर हुई है। मृतक नीरज अग्रवाल (41) पुत्र दिनेश चंद अग्रवाल, पत्नी नेहा (35) और बेटी धान्या (6) की मौत हुई है, जबकि बेटा शौर्य (10) की हालत चिंताजनक होने पर दिल्ली के अपोलो हॉस्पिटल रेफर किया गया है।
पत्नी के माथे के बीच में गोली फंसी रह गई, जबकि बेटे और बेटी के माथे पर लगी गोली पार हो गई है। खुद की कनपटी पर लगी गोली भी फंसी रह गई है। पिस्टल और सुसाइड नोट को आगरा की फॉरेंसिक लैब जांच को भेजा गया है।
सीओ सदर ने बताया कि मृतक के साले अमित अग्रवाल की तहरीर पर मनीष चतुर्वेदी, आशीष चतुर्वेदी, आशीष अरोड़ा, नीरज कुमार और अज्ञातों के खिलाफ आईपीसी की धारा 147, 148, 149, 302, 307 और 120 बी में मुकदमा थाना जमुनापार में दर्ज किया गया है।
साले की तहरीर पर हत्या और जानलेवा हमला समेत संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। प्रथम दृष्टता मामला सुसाइड का प्रतीक हो रहा है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। - अशोक कुमार मीणा, एसपी सिटी