‘बुलेया’ से देशभर में पहचान बनाने वाले बॉलीवुड गायक अमित मिश्रा ने कहा कि किसी गाने की सफलता का अनुमान पहले से नहीं लगाया जा सकता। आगरा में उन्होंने कहा कि अब उनका मुकाबला किसी दूसरे कलाकार से नहीं, बल्कि खुद से है और जुनून के साथ संगीत की राह पर आगे बढ़ रहे हैं।
आवाज में मिठास और गीतों में अपनी अलग पहचान बनाने वाले बॉलीवुड गायक अमित मिश्रा किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। फिल्म ऐ दिल है मुश्किल का गीत बुलेया उनके सबसे चर्चित गीतों में शामिल है। वर्षों बाद भी यह गीत श्रोताओं को उतना ही पसंद आता है। अमर उजाला एवं उत्तम इंस्टीट्यूट के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित उत्तम स्कूल कनेक्ट-2026 के ग्रैंड फिनाले से पहले उत्तम इंस्टीट्यूट पहुंचे अमित मिश्रा ने संघर्ष, संगीत और सफलता को लेकर बातचीत की।
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1- सवाल : बुलेया ने आपको बड़ी पहचान दी। आज भी लोग इसे सुनते हैं तो यह पुराना नहीं लगता। इस गीत की सफलता को आप किस नजरिए से देखते हैं।
अमित मिश्रा : सबसे पहले मैं प्रीतम सर को धन्यवाद दूंगा। उन्होंने ही मुझे यह गाना दिया था। इसके बाद मैं इसका श्रेय लोगों के प्यार और आशीर्वाद को दूंगा। यह सदाबहार गीत बन गया है। मेरे लिए इससे बड़ी बात और क्या हो सकती है कि इतने समय बाद भी यह गीत लोगों के दिलों को छू रहा है। मैं जनता का दिल से आभारी हूं।
2- सवाल : इस गीत को यादगार बनाने के लिए कितनी मेहनत करनी पड़ी। क्या रियाज के घंटे बढ़ाने पड़े।
अमित मिश्रा : हम किसी भी प्रोजेक्ट को इस नजरिए से नहीं देखते कि वह हिट होगा या नहीं। किसी भी गाने का भविष्य हमें पहले से पता नहीं होता। हमारा ध्यान अपने काम पर होता है। कोशिश यही रहती है कि जो भी गाना मिले उसे पूरी ईमानदारी और मेहनत से प्रस्तुत किया जाए। गाने का भविष्य जनता तय करती है।
3- सवाल : लखनऊ के आलमबाग से मुंबई तक का सफर कैसा रहा? मुंबई में जगह बनाने के लिए कितना संघर्ष करना पड़ा। - अमित मिश्रा : मैं खुद को भाग्यशाली मानता हूं कि मुझे बहुत ज्यादा संघर्ष नहीं करना पड़ा। हां, जब आप अपना एक मानक तय कर लेते हैं तो उसके बाद आपका मुकाबला किसी और से नहीं बल्कि खुद से होता है। मैंने भी अपना मानक तय कर लिया है और अब मेरा मुकाबला खुद से ही है। मेरे गुरुजी कहते थे कि आवाज में जो खनक है, वह हमेशा बनी रहनी चाहिए। मेरे अंदर जो जुनून पहले था, उसी जुनून के साथ मैं अपनी राह पर आगे बढ़ रहा हूं।
4- सवाल : ताजनगरी में पहले भी प्रस्तुति दे चुके हैं। यहां के दर्शकों से कैसा अनुभव रहा?
अमित मिश्रा : हां, मैं पहले भी आगरा आ चुका हूं। यह दूसरी बार है जब मुझे आगरा में अपने प्रशंसकों के बीच प्रस्तुति देने का मौका मिला है। कलाकार के लिए दर्शकों का प्यार बहुत मायने रखता है और आगरा से मुझे हमेशा बहुत प्यार मिला है।
5- सवाल : आजकल लोगों को पंजाबी गाने बहुत पसंद आ रहे हैं। क्या आपको भी पंजाबी गाने पसंद हैं।
अमित मिश्रा : हां, मैंने भी पंजाबी गाने गाए हैं और मुझे पंजाबी संगीत बहुत पसंद है। जब भी मैं सफर करता हूं तो पंजाबी गाने सुनना पसंद करता हूं। मेरी अपनी एक गीत सूची है, जिसमें काफी पंजाबी गाने हैं। मुझे पंजाबी गाने बहुत पसंद हैं।