मथुरा के थाना रिफाइनरी क्षेत्र स्थित जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) की जमीन पर बृहस्पतिवार को कुछ लोग बुलडोजर लेकर कब्जा लेने पहुंच गए। बुलडोजर को देख अध्ययनरत छात्र और शिक्षकों में भय व्याप्त हो गया। इस दौरान विद्यार्थियों और कब्जा करने आए लोगों के बीच नोकझोंक भी हुई। कब्जा करने आए लोग कोर्ट के आदेश की कॉपी का हवाला देते हुए बुलडोजर से बिल्डिंग को तोड़ना चाहते थे। जबकि डायट की जमीन का मामला अभी कोर्ट में विचाराधीन है। सूचना पर थाना प्रभारी सोनू सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए।
उन्होंने जमीन कब्जा करने आए लोगों को जिलाधिकारी का आदेश के बाद ही कब्जा करने की बात कही। इस पर कब्जा करने वाले लोग जिलाधिकारी से मिलने के लिए कलेक्ट्रेट गए, लेकिन जिलाधिकारी से उनकी मुलाकात नहीं हो सकी। बृहस्पतिवार को गांव बाद निवासी गोविंद सिंह अपने भाइयों और एक सैकड़ा से अधिक लोगों के साथ डायट पहुंच गए। वह अपने साथ बुलडोजर लेकर आए। उन्होंने न्यायालय के आदेश की प्रति दिखाते हुए जमीन की पैमाइश शुरू कर दी। कार्यवाहक डायट प्राचार्य और अध्ययनरत विद्यार्थियों ने विरोध किया तो दोनों पक्षों में तीखी नोकझोंक हो गई।
डायट प्रशासन ने बताया कि अपर जिला जज, न्यायालय के आदेश के विरूद्ध उच्च न्यायालय इलाहाबाद में अनुच्छेद 227 के अन्तर्गत याचिका दायर करने को विभाग ने शासन से अनुमति प्रदान करने का अनुरोध किया गया है। शासन के आदेश के बाद कार्यवाही गतिमान है। कोर्ट का आदेश लेकर पहुंचे गोविंद सिंह ने बताया कि क्षेत्र के अमीन दखल दिलाने के लिए डायट कार्यालय लेकर गए थे। डायट कार्यालय वालों ने गेट बंद कर लिया और सभी को लौटा दिया।
कार्यवाहक प्राचार्य हरीश कुमार ने बताया कि जिस कोर्ट के आदेश को लेकर लोग जमीन कब्जाने आए थे उस मामले में मथुरा कोर्ट में रिवीजन दाखिल कर चुके हैं। इसके अलावा हाईकोर्ट में भी मामला विचाराधीन है। इसमें सोमवार को सुनवाई की तारीख है। कोर्ट का आदेश यदि गोविंद सिंह और उनके परिजन के हक में आया तो उन्हें जमीन का कब्जा दे दिया जाएगा इधर, मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी सोनू कुमार ने बताया कि जिस कोर्ट के आदेश की कॉपी दिखाई जा रही थी वह कई साल पुराना आदेश था। यदि कोर्ट ने इस तरह का कोई आदेश दिया होता तो जिलाधिकारी के यहां से उन्हें जमीन पर कब्जा दिलाने के लिए पत्र मिलता। इस तरह का कोई पत्र उन्हें नहीं मिला है। क्षेत्र की शांति व्यवस्था को किसी भी कीमत पर बिगड़ने नहीं दिया जाएगा। कब्जा करने को आए लोगों को स्पष्ट कह दिया है कि यदि पुन: बिना किसी कागजात के इस तरह का कृत्य किया तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि डायट की जमीन का मामला कोर्ट में विचाराधीन है। यदि कोर्ट का आदेश हैं तो वह दिखाएं उनकी बात को सुना जाएगा। साथ ही डायट प्रशासन के पक्ष को भी देखा जाएगा। बृहस्पतिवार को वह मिलने के लिए आए, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी। यदि उनके पास जमीन कब्जाने के कोर्ट के आदेश हैं तो कब्जा दिलाया जाएगा।