ताजनगरी में भूमाफियाओं पर प्रशासन का बुलडोजर नहीं गरजता। कार्रवाई तो दूर एसडीएम की टास्क फोर्स ने जो चिह्नित किए, वो डीएम की टास्क फोर्स ने घोषित तक नहीं किए। पिछले चार साल में एंटी भूमाफिया पोर्टल पर अवैध कब्जों की 3123 शिकायतें आईं हैं, जबकि जिले में महज 44 भूमाफिया घोषित हो सके हैं। छह एसडीएम की टास्क फोर्स में सिर्फ दो तहसीलों ने 86 भूमाफिया चिह्नित किए हैं। इनमें 42 जिला स्तर पर घोषित ही नहीं हो सके हैं।
विस्तृत जानकारी व रिपोर्ट के अभाव में सभी चिह्नित भूमाफिया, जिला स्तर पर घोषित नहीं हो सके हैं। उनकी दोबारा रिपोर्ट मांगी है। जो घोषित हैं, वो अपनी संपत्तियां नहीं बेच सकते। संपत्ति जब्त नहीं होती। कोई प्रावधान नहीं है। कब्जे की भूमि को मुक्त कराने के लिए उनके विरुद्ध बेदखली के मुकदमे विचाराधीन हैं।
अजय कुमार सिंह, एडीएम प्रशासन एवं प्रभारी एंटी भूमाफिया सेल
- 3125 शिकायतें दर्ज हुई एंटी भूमाफिया पोर्टल पर
- 86 भूमाफिया चिह्नित किए दो तहसीलों की टास्क फोर्स ने
- 44 भूमाफिया घोषित हुए जिला स्तरीय टास्क फोर्स द्वारा
- 42 चिह्नित भूमाफिया की दोबारा जांच तक नहीं हो सकी
- 155 करोड़ रुपये की भूमि कब्जाई जिले में भूमाफिया ने
- 127 हेक्टेयर निजी व सरकारी भूमि पर भूमाफिया का कब्जा
जिले में 42 पुलिस थाने हैं। इनमें से 35 थाना क्षेत्रों में एक भी भूमाफिया घोषित नहीं हुआ है। यानी इन थाना क्षेत्रों में न किसी भूमि पर कब्जा हुआ, न कोई चिह्नित हो सका। जिले में महज 7 थाना क्षेत्रों में भूमाफिया राज है। इन सात थानों में 44 भूमाफिया घोषित हैं।
- गूड्डू चाहर उर्फ जोगेंद्र चाहर पुत्र बाबूलाल निवासी बाग फरजाना।
- संजय चाहर पुत्र बाबूलाल निवासी बाग फरजाना।
- सुरेश चाहर पुत्र बाबूलाल निवासी बाग फरजाना।
- राजेंद्र प्रसाद जैन उर्फ रज्जो पुत्र चिम्मनलाल जैन निवासी बेलनगंज।
- हेमेंद्र अग्रवाल उर्फ चुनमुन पुत्र देवेंद्रनाथ अग्रवाल निवासी जीवनी मंडी।
- कंवलदीप सिंह पुत्र त्रिलोचन निवासी संजय प्लेस।
- कपूरा पुत्र टीका निवासी नौफरी, ताजगंज।
- रवि बंसल पुत्र गोविंद प्रसाद निवासी केदार नगर
- शैलेंद्र अग्रवाल पुत्र ओमप्रकाश निवासी निर्भय नगर
- जितेंद्र सिंह उर्फ चीकू पुत्र विक्रम सिंह निवासी सींगना