जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग
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उत्तर प्रदेश के आगरा में बिल्डर ने 12 लाख रुपये लेने के बाद भी फ्लैट नहीं दिया। रुपये वापस मांगने पर कई बार में नौ लाख रुपये दिए, तीन लाख बाकी रह गए। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में मामला पहुंचने पर अध्यक्ष सर्वेश कुमार और सदस्य अरुण कुमार के सामने रामरघु बिल्डवेल कंपनी के बिल्डर ने दयालबाग निवासी भूपेंद्र स्वरूप शर्मा से समझौता कर 8.50 लाख रुपये चेक दे दिया।
दयालबाग के हीराबाग कॉलोनी निवासी भूपेंद्र स्वरूप शर्मा ने 9 मार्च 2015 को रामरघु बिल्डवेल से एक फ्लैट बुक कराया था। बिल्डर ने 12 लाख रुपये लेने के बाद 502 नंबर फ्लैट का आवंटन किया। तीन साल के अंदर कब्जा देने का वायदा किया। मगर, तीन साल तक निर्माण कार्य भी नहीं हो सका। उन्होंने अपने रुपयों की ब्याज सहित मांग की।
इस पर 2018 में उन्हें 3-3 लाख रुपये के चार चेक दिए। बैंक में चेक बाउंस हो गए। 2019 में नौ लाख रुपये खाते में ट्रांसफर किए। बाकी रकम और ब्याज का चेक दिया, वह भी बाउंस हो गया। इसके बाद बिल्डर ने रुपये नहीं दिए। विधिक नोटिस का भी कोई जवाब नहीं दिया।