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आगरा: अप्रवासी भारतीय से बिल्डर ने की 1.20 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी, मुकदमा दर्ज

Sat, 13 Nov 2021 03:48 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

एनआरआई ने वर्ष 2009 में बिल्डर को रकम दी थी। आरोप है कि बिल्डर ने अब तक रकम वापस नहीं लौटाई है। चेक दिया था, वह बाउंस हो गया। 
 
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कोतवाली हरीपर्वत, आगरा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कनाडा में रहने वाले अप्रवासी भारतीय ने एक बिल्डर के खिलाफ आगरा के थाना हरीपर्वत में 1.20 करोड़ की धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है। मुकदमे में बिल्डर की पत्नी भी नामजद है। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने जमीन और फाइव स्टार होटल के नाम पर रकम ली थी। इसके बाद वापस नहीं की।
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हरीपर्वत के नेहरू नगर निवासी राहुल पालीवाल कनाडा में रहकर कपड़े का कारोबार करते हैं। वे 20 वर्ष से अप्रवासी भारतीय हैं। चार वर्ष इंडोनेशिया में रहे, इसके बाद नौ वर्ष तक चीन में रहकर कारोबार किया। अब वे सात वर्ष से कनाडा में रहकर व्यापार कर रहे हैं। सरकार के प्रोत्साहन के चलते उन्होंनें विदेशों में व्यापार से अर्जित धन को भारत में निवेश करने की योजना बनाई। 

राहुल पालीवाल ने बताया कि वर्ष 2009 में फ्रेंड्स बिल्डर्स के पार्टनर जयपुर हाउस निवासी विश्वेंद्र कुमार उपाध्याय से परिचय हुआ। विश्वेंद्र कुमार ने उन्हें विदेश में व्यापार से अर्जित धनराशि को व्यापार में निवेश करने का ऑफर दिया। उन्होंने मथुरा के फरह में जमीन दिखाई और एमजी रोड पर अपनी एक संपत्ति पर फाइव स्टार होटल बनाने का वादा किया। होटल में उनका शेयर होने की बात कही गई। 
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2009 का है मामला
इसके बाद वर्ष 2009 में ही राहुल पालीवाल चेक के माध्यम से एक करोड़ 20 लाख रुपये विश्वेंद्र को दिए गए। 12 फरवरी 2009 को उनके खाते से रकम चेक के माध्यम से निकाल ली गई। इसके बाद करीब साढ़े पांच वर्ष तक फरह में दिखाई गई जमीन का बैनामा नहीं कराया गया और न ही कोई होटल बनाया गया। ऐसे में राहुल पालीवाल ने अपनी बची हुई रकम वापस मांगी। 

आठ सितंबर 2013 को बिल्डर ने 65 लाख रुपये बकाया बताए। इसके बाद आपसी सहमति से एक एग्रीमेंट किया। इसमें तीन वर्ष में पूरी रकम चुकाने का वादा किया। गारंटर के रूप में अपनी पत्नी राका उपाध्याय को रखा। इसके साथ ही 14 सितंबर 2016 की तारीख का 1.20 करोड़ रुपये का चेक भी उन्हें दिया।
 
तीन वर्ष तक रुपये न चुका पाने पर राहुल पालीवाल ने उस चेक को बैंक में लगाया तो हस्ताक्षर मैच न होने के कारण वह बाउंस हो गया। इस तरह विश्वेंद्र उपाध्याय और उनकी पत्नी ने धोखाधड़ी कर ली। पीड़ित ने मामले की शिकायत एसएसपी से की। एसएसपी सुधीर कुमार के निर्देश पर शुक्रवार को हरीपर्वत थाने में विश्वेंद्र कुमार उपाध्याय और उनकी पत्नी राका उपाध्याय के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है।
 
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