दिन रात पहरेदारी के बाद भी उजड़ी फसलों से दुखी किसान बजट के प्रावधानों से खुश हैं। बोले कि बेहतर होता कि सरकार न्याय पंचायत स्तर पर गोशाला का प्रबंध करती।
शनिवार को दोपहर बाद बाह के चौरंगाहार गांव के पास खेतों की रखवाली कर रहे किसान रेडियो पर बजट सुनते हुए मिले। बुजुर्ग किसान गफूर ने बताया कि बागवानी को बढ़ावा देने के लिए जिला स्तर पर विपणन निर्यात की व्यवस्था अच्छी पहल है। किसान राकेश चौधरी ने पीएम कुसुम योजना में किसानों के पंप को सोलर पंप में बदले जाने के प्रावधान का स्वागत किया।
महिला किसानों के लिए धन लक्ष्मी योजना को अच्छा बताया। किसान बसंत कुमार ने पंचायत स्तर पर कोल्ड स्टोरेज की व्यवस्था को आलू की उपज की दिशा में सरकार की अच्छी पहल बताया। एक उत्पाद एक जिला योजना का भी उन्होंने स्वागत किया। परंतु गोशाला का इंतजाम न होने पर निराशा जाहिर की।
आयकर छूट का दायरा बढ़ने और टैक्स स्लेव में बदलाव का प्राथमिक तथा माध्यमिक शिक्षकों ने स्वागत किया है। शनिवार को बजट में जैसे ही वित्त मंत्री ने कर मुक्त आय ढाई लाख से बढा कर 5 लाख की शिक्षकों की खुशी का ठिकाना नही रहा।
स्कूलों में बच्चों की छुट्टी के बाद भी शिक्षकों की निगाहें बजट पर टिकी रहीं। रतन सिंह , अशोक पोनियां, आशीष भदौरिया, शिव शरण, कुबेर सिंह, प्रताप सिंह, फरेन्द्र सिंह, शैलेन्द्र , अजय, दिनेश कुमार आदि बजट भाषण सुनते मिले।
आयकर छूट की राशि 5 लाख किये जाने और आयकर स्लेव में 5 से 7.50लाख पर आयकर 20 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत किए जाने पर खुशी का इजहार किया। माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष सतीश पचौरी ने आयकर छूट का दायरा बढ़ाए जाने का स्वागत किया। पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के ब्लाक अध्यक्ष हरी शंकर राजपूत, मंत्री अशोक कुमार ने बजट में आयकर को लेकर किए बदलाव को अच्छा बताया। प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष राजेश पांडेय ने कहा कि प्राइमरी के टीचरों को इसका लाभ मिलेगा।