पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के समर्थकों ने रविवार को धम्म चेतना यात्रा का काले झंडे दिखाकर विरोध किया। चेतना यात्रा लेकर आए अखिल भारतीय बौद्ध भिक्षु संघ के अध्यक्ष व पूर्व राज्यसभा सदस्य भदंत डा. धम्म वीरियो महास्थाविर द्वारा बसपा सुप्रीमो के खिलाफ की गई टिप्पणी पर रोष जताया। धर्म की आड़ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रचार करने का आरोप लगाते हुए बौद्ध भिक्षुओं के खिलाफ नारेबाजी की और उनसे शहर से चले जाने की अपील की।
पूर्वाह्न लगभग साढ़े दस बजे बसपा के पूर्व पार्षद सुरेंद्र कपूर दयालू के नेतृत्व में मायावती के दर्जनों समर्थक हाथों में काले झंडे लेकर ईदगाह स्थित बौद्ध भिक्षुओं के प्रवास केंद्र होटल एवर ग्रीन के बाहर पहुंच गए। इनमें काफी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी थे। प्रदर्शनकारी हाथों में ‘मोदी के चेलों वापस जाओ’ स्लोगन लिखी तख्तियां लिए हुए थे। लगभग बीस मिनट तक बौद्ध भिक्षुओं के खिलाफ नारेबाजी की। चेतना यात्रा के विरोध में प्रदर्शन की सूचना पर तमाम पुलिस अधिकारी कई थानों की फोर्स लेकर मौके पर पहुंच गए। थोड़ी ही देर में आसपास का क्षेत्र छावनी में तब्दील हो गया। पुलिस अधिकारियों ने समझाबुझाकर प्रदर्शन खत्म कराया। सुरेंद्र कपूर का कहना था कि डा. धम्म वीरियो ने सिर्फ मायावती का ही नहीं, बल्कि पूरे जाटव समाज का अपमान किया है। इससे समाज में रोष है। उन्होंने कहा कि बौद्ध भिक्षुओं को धर्म का ही प्रचार करना है तो दलित बस्तियों में जाकर बैठकें करें।
डा. धम्म वीरियो ने कांशीराम और मायावती के बीच तुलना करते हुए बात कही थी। यात्रा से जिन लोगों के हित प्रभावित हो रहे हैं, वे ही इसमें बाधा डालने की कोशिश कर रहे हैं। विरोध-प्रदर्शन करने वाले अराजक लोग हैं।
- शीला रक्षित, मुख्य संयोजक, धम्म चेतना यात्रा