कैंप कार्यालय पर धरना देते बसपा पार्षदों को समझाते मेयर
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बहुजन समाज पार्टी (बसपा) पार्षदों ने मेयर नवीन जैन पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया। सोमवार को बसपा पार्षदों ने एकजुट होकर मेयर कैंप कार्यालय कमला नगर पर धरना दिया और विकास कार्य न कराने पर मेयर के खिलाफ नारेबाजी की। पार्षदों का आरोप है कि शहर में केवल कमला नगर और उत्तर विधानसभा के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पार्षदों के क्षेत्र में विकास कार्य हो रहे हैं। बसपा के प्रभाव वाले क्षेत्रों और मलिन बस्तियों में लोग नारकीय जीवन जी रहे हैं। दोपहर में मेयर नवीन जैन ने पार्षदों के बीच जाकर उनसे वार्ता की और समस्याओं के निदान का भरोसा देकर धरना खत्म कराया।
बसपा पार्षद दल नेता मनोज कुमार सोनी के नेतृत्व में बसपा के पार्षदों ने कमला नगर स्थित मेयर कैंप कार्यालय पर धरना दिया। हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर पार्षदों ने धरने में मेयर के खिलाफ नाराजगी जाहिर की। पार्षद दल नेता मनोज कुमार सोनी ने बताया कि शहर की मलिन बस्तियों में बुरा हाल है। बस्तियों में नगर निगम सौतेला व्यवहार कर रहा है।
मेयर नवीन जैन कमला नगर जैसी पॉश कालोनियों में तो काम करा रहे हैं लेकिन मलिन बस्तियों पर ध्यान नहीं है। राजनगर के पार्षद बंटी माहौर ने कहा कि बजट न होने का हवाला देकर बसपा पार्षदों के क्षेत्र में पहले से तय विकास कार्य भी नहीं कराए गए। कमला नगर छोड़कर कहीं भी विकास कार्य नहीं हो रहे हैं। मेयर ने एक साल में तमाम उदघाटन, शिलान्यास किए, लेकिन बसपा पार्षदों के क्षेत्र में एक भी शिलान्यास नहीं किया।
आरोप: मेयर न फोन उठाते, न विकासकार्य करा रहे
धरने पर बैठे पार्षदों की पीड़ा थी कि जनप्रतिनिधि होने के कारण जनता उनसे उम्मीद लगाए है, लेकिन बसपा के पार्षदों की सुनवाई नहीं होती है। मेयर भी उनका फोन नहीं उठाते। पार्षदों ने मेयर और नगर निगम के अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। कैंप कार्यालय पर मेयर नवीन जैन ने उनसे वार्ता की और बैठक कर उनकी समस्याओं के समाधान का भरोसा दिया। प्रदर्शन में धर्मवीर सिंह, बंटी माहौर, होरी लाल, ब्रज मोहन, मिथिलेश, ज्ञानवती, शशि सिंह, सर्वेश, अशोक कुमार, हरी मोहन, मनीष, अरविंद मथुरिया, मनीष कमल आदि मौजूद रहे।
आक्रोश: सीवर, पानी, स्ट्रीट लाइटों के लिए तरस रहे
बसपा पार्षदों ने मेयर से स्पष्ट कहा कि करोड़ों रुपये के काम केवल कमला नगर में कराए गए, जबकि उनके क्षेत्रों में लोग सीवर, पानी, स्ट्रीट लाइट जैसी जरूरी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं।
बस्तियों में विकास कार्य की जरूरत ज्यादा है, लेकिन पॉश कालोनियों में सड़कों का निर्माण हो रहा है। मलिन बस्तियों में पेयजल की गंभीर समस्या है, लेकिन पाइप लाइन नहीं बिछाई जा रही। लाखों लोग परेशान हैं। बस्तियों में स्ट्रीट लाइट, मिनी मास्ट, हाईमास्ट लाइटें तक नहीं लगी हैं।