लोकसभा और विधानसभा चुनाव में बुरी तरह से हारी बसपा के लिए स्थानीय निकाय चुनाव निराशाजनक साबित हुए। मेयर चुनाव में पहली बार सिंबल पर उतरी बसपा के प्रत्याशी दिगंबर सिंह धाकरे ने पिछले चुनाव से वोट तो ज्यादा प्राप्त किए, लेकिन उनकी हार का अंतर बीते चुनाव से करीब छह गुना बढ़ गया। अब तक के चुनाव में बसपा का हार का अंतर नौ से 17 हजार के बीच रहा था।
1995 से लेकर अब तक के पांचों नगर निकाय चुनाव में बसपा और भाजपा के बीच ही मुकाबला रहा है। मेयर भाजपा के चुने गए, लेकिन मुख्य प्रतिद्वंद्वी बसपा प्रत्याशी ही रहे। इस बार भी मुकाबला भाजपा के नवीन जैन और बसपा के दिगंबर सिंह धाकरे के बीच रहा, लेकिन हार का अंतर 74 हजार पहुंच गया।
बीते चुनाव में बसपा समर्थित 38 पार्षद चुनकर आए थे, लेकिन इस बार इसका आंकड़ा 27 ही रहा, जबकि पार्टी के कार्यकर्ता चुनाव चिन्ह पर लड़े। नगर पंचायतों में सात में से केवल एक पर बसपा अपना अध्यक्ष बना सकी, जबकि बसपा के छह विधायक पूर्व में जिले में रहे हैं। इसी तरह नगर पालिका परिषद में भी बसपा साफ हो गई। केवल एत्मादपुर में बसपा प्रत्याशी दूसरे नंबर पर रह पाया।