कान्हा की नगरी के सियासी घमासान में जहां सभी प्रत्याशी एक दूसरे को शह और मात देने में लगे हुए थे वहीं वार्ड संख्या 56 मंडी रामदास के भाजपाई और कांग्रेसी प्रत्याशी अपनी किस्मत के फैसले का इंतजार कर रहे थे। किस्मत ने मीरा अग्रवाल का साथ दिया और वह पार्षद की चुनाव जीत गईं। दोनों के बराबर वोट आने पर प्रशासन ने यह फैसला लाटरी डालकर तय किया था।
वार्ड संख्या 56 मंडी रामदास क्षेत्र से भाजपा से मीरा अग्रवाल और कांग्रेस से निमाई पंडित पार्षदी के चुनाव में आमने सामने थे। कांटे की टक्कर दोनों में कुछ इस प्रकार से हुई कि दोनों को 874-874 मत प्राप्त हुए। कई दफा जब मतों की गणना करने पर भी दोनों के मतों में कोई अंतर नहीं निकला तो जिलाधिकारी अरविंद मलप्पा बंगारी ने इसका निर्णय लाटरी सिस्टम से करने का फैसला लिया।
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लाटरी सिस्टम के तहत कर्मचारियों ने मतगणना स्थल पर ही एक डिब्बे में दो पर्ची डालीं। इनमें से एक पर्ची मीरा अग्रवाल के नाम की थी तो दूसरी पर्ची निमाई पंडित के नाम से थी। इस पर्ची को दोनों की सहमति से एक मीडियाकर्मी के हाथों निकाला गया।
जिसमें पर्ची मीरा अग्रवाल के नाम की निकली। इस पर्ची के सहारे मिली जीत ने मीरा अग्रवाल को पार्षद बना दिया और निमाई पंडित को हरा दिया। दोनों को मिले मत चर्चा में बने रहे। जीत के बाद मीरा अग्रवाल ने खुशी की अभिव्यक्ति की।