आगरा। हत्या के प्रयास के आरोपी दो सगे भाईयों को साक्ष्य के अभाव में अदालत ने बरी कर दिया है। एडीजे 8 ने डॉक्टर व स्वतंत्र गवाहों के बयान सुनने के बाद दोषमुक्त करने का आदेश दिया है।
थाना निबोहरा के नगला भगतू निवासी शकुंतला ने थाना मंसुखपुरा में मुकदमा दर्ज कराया था। उनका आरोप था कि गांव के राममूर्ति और ओमकार से पुरानी रंजिश चल रही है। इसी रंजिश की वजह से 13 नवंबर 2016 को उनकी पुत्री की ससुराल जाते समय तासोड़ चौराहे पर मोटर साइकिल पर आकर आरोपियों ने रोक लिया था। उन्हें लात मारकर नीचे सड़क पर गिरा दिया और पति महावीर को सीने में गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। आरोपी हथियार लहराते हुए राजा खेड़ा की तरफ भाग गए। पुलिस ने आरोपी भाइयों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया। मामले में चश्मदीद गवाह शकुंतला, उसके पति महावीर, तहरीर लेखक ज्ञान सिंह, डॉ. राममोहन यादव, एसआई इंदल सिंह, विजय राम दीक्षित समेत 11 गवाह पेश किए। वहीं अधिवक्ता ने यह भी तर्क दिए कि वर्ष 2015 में आरोपियों के भाई गजेंद्र की हत्या घायल के पुत्रों ने की थी। इसी मुकदमे में दबाव बनाने के लिए झूठा मुकदमा लिखा गया है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त कोई हथियार बरामद किया नहीं किया और न ही वह मोटरसाइकिल बरामद की। जिसका विपक्षी ने घटना में प्रयोग करने का आरोप लगाया है। एडीजे 8 संजय कुमार ने डॉक्टर, गवाहों के बयान और साक्ष्य के अभाव में आरोपी दोनों भाई राम मूर्ति और ओमकार को दोष मुक्त करने के आदेश दिए हैं।