शुक्रवार रात एक बजे के करीब मोबाइल का पासवर्ड नहीं बताने पर आकाश शर्मा ने अपने बड़े भाई गौरव की हत्या कर दी थी। बचाने आई मां पूनम को भी धक्का देकर गिरा दिया था। आरोपी को रात में ही गिरफ्तार कर लिया गया था। पुलिस ने उससे पूछताछ की तो वह गुस्से में मारपीट करने की बोलकर पछतावा करने लगा। उसने बताया कि उसने सोचा ही नहीं था कि भाई की मौत हो जाएगी। पुलिस ने मां की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी को न्यायालय में प्रस्तुत किया था। न्यायालय ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेजा है।
डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि घटना में मां ही वादी है और वही एकमात्र प्रत्यक्षदर्शी है। एक बेटे की मौत के बाद दूसरा जेल में है। भविष्य में मां न्यायालय के समक्ष बयान बदल सकती है। इसको ध्यान में रखते हुए टीम ने वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस मजबूत साक्ष्य के साथ चार्जशीट न्यायालय में प्रस्तुत करेगी।