मथुरा में दो सराफ की हत्या और डकैती मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से तीन को शनिवार सुबह घायलावस्था में एसएन मेडिकल कालेज की इमरजेंसी लाया गया। पुलिस की मौजूदगी में उनका उपचार हो रहा है। एक आरोपी ने कहा कि वह निर्दोष है। उसका फुफेरा भाई भाजपा नेता है। उसने ही लूट की घटना को अपने साथियों के संग अंजाम दिया। हालांकि पुलिस उसकी बात को झूठा बता रही है।
मथुरा पुलिस शनिवार सुबह तकरीबन 8:45 बजे अभियुक्त नीरज उर्फ आशीष को लेकर आई। इसके बाद 11:50 बजे रंगा उर्फ राकेश और कामेश उर्फ चीनी को लाया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में दरोगा और सिपाही तैनात रहे। आरोपी आशीष ने पुलिस की मौजूदगी में मीडिया से कहा कि मथुरा का ही एक भाजपा नेता उसका फुफेरा भाई है।
घटना से एक सप्ताह पहले वह उसके घर पर अपने दो साथी मथुरा के कासिम और आगरा के सौरभ के साथ आया था। वह लूट की योजना बना रहा था। 12 मई को उसके यहां गाजियाबाद का अरुण आया। उन्होंने ही लूट की है। आशीष ने खुद को निर्दोष बताया। यह भी कहा कि उसकी पारिवारिक रंजिश चल रही है। उसमें एक युवक भोला की हत्या हो गई थी।
इसमें षड्यंत्र के तहत उसे फंसा दिया गया था। इसमें वह 32 महीने जेल भी काटकर आया। अब बेरोजगार है। अब फिर से उसे फंसा दिया गया। वहीं आरोपी चीनी ने कहा कि घटना में उसका कोई हाथ नहीं है। उसे पेशबंदी में फंसाया गया है। हालांकि पुलिस का कहना है कि आरोपियों की बातों पर विश्वास नहीं किया जा सकता। वह किसी को फंसाने के लिए भी ऐसा कह सकते हैं।
आरोपी आशीष ने यह भी कहा कि सराफ की हत्या और लूटकांड के बाद से पुलिस घर पर दबिश दे रही थी। इस कारण उसने पड़ोसी के घर में शरण ली थी। दूसरी मंजिल पर बने कमरे में रुका हुआ था। शुक्रवार रात को पुलिस ने घेराबंदी कर ली। इसके बाद उसे पकड़ लिया गया। उसकी नहीं सुनी।