कोसीकलां (मथुरा)। आने वाले दिनों में बारिश का मौसम शुरू होने वाला है। इस कारण ईंट-भट्ठे बंद होने शुरू हो गए हैं। एक ईंट-भट्ठा पर काम कर रहे 85 श्रमिकों एवं 77 बच्चों को दो बसों के माध्यम से घरों के लिए रवाना किया गया।
ईंट-भट्ठों पर काम करने वाले मजदूरों को घर पहुंचाने के लिए प्रशासन ने भट्ठा संचालकों से मजदूरों की सूची मांगी। ईंट-भट्ठा मालिक श्रमिकों से छठ पूजा बाद वापस लौटने का वायदा ले रहे हैं। बुधवार की देर शाम महाबली ईंट उद्योग पर कार्यरत 85 श्रमिकों एवं 77 बच्चों को दो बसों के माध्यम से महोबा, बुंदेलखंड के लिए रवाना किया। प्रबंधक धर्मवीर अग्रवाल ने श्रमिकों के लिए बसों को इंतजाम कराया। एसडीएम हनुमान प्रसाद ने बसों को झंडी दिखाकर रवाना किया। इससे पूर्व सभी श्रमिकों, बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। श्रमिकों को भोजन आदि की व्यवस्था कराई गई।
फिर काम पर लौटेंगे
श्रमिक नरेश, रामजी, शोभित, फूलो, सलमा, सुनीता आदि ने भी कहा कि वह फिर काम पर लौटेंगे। बरसात में भट्ठा बंद रहते हैं। इसी कारण वह लोग घर जाते हैं। तीन माह बुंदेलखंड और नौ माह भट्ठों पर काम करते हैं। धूरोदेवी ने बताया कि उनके पास गांव में भी कच्चा मकान है। घर पहुंचकर घर की सफाई करेंगे। ईंट भट्ठा मालिक धर्मवीर अग्रवाल ने बताया कि वह मजदूरी में कटौती नहीं करते। 15 अगस्त के बाद श्रमिकों को फिर बुलाया जाएगा।