आगरा में बाह नगर पंचायत के बरुआ नगर में हर कोई सात साल के बालक शिवम की बहादुरी की चर्चा कर रहा है। लोग कह रहे हैं कि उसने आग में फंसे सात मासूमों की जान बचा ली।
एक को तो वह खुद ही पकड़कर बाहर ले गया। छह से कहा कि वे पीछे आ जाएं। इस तरह सभी बच्चे बाहर निकल गए। इस दौरान शिवम का एक पैर थोड़ा सा झुलस गया।
बरुआ नगर में रामकुमार सविता के भतीजे राममोहन की शादी की दावत गुरुवार को है। बुधवार को परिवार के लोग और रिश्तेदार दावत की तैयारी में लगे थे। बच्चे पास की झोपड़ी में खेल रहे थे।
सुबह करीब नौ बजे का वाक्या है। अचानक झोपड़ी में आग लग गई। इसकी लपटें देख बच्चे घबरा गए, लेकिन रामकुमार सविता के सात साल के बेटे शिवम ने हिम्मत से काम लिया। उसने सूझबूझ भी दिखाई।
बहादुर शिवम
- फोटो : अमर उजाला
आग फैलती जा रही थी लेकिन निकलने के लिए थोड़ा सा रास्ता बचा हुआ था। रामकुमार सविता ने बताया कि शिवम ने एक बच्चे का हाथ पकड़ा। अन्य बच्चों से कहा कि सभी पीछे आ जाएं।
बच्चे धीरे धीरे आग से थोड़ी दूरी पर पहुंच गए। सभी चिल्ला रहे थे। आवाज सुनकर परिजन भी आ गए। शिवम आगे चल रहा था। बच्चे पीछे जा रहे थे।
परिजनों ने आग पर पानी डाला और सभी को बाहर निकाल लिया। इस दौरान आग के नजदीक रहने के कारण शिवम का एक पैर थोड़ा सा झुलस गया।
इनकी बचाई जान
शिवम के साथ मोहिनी 5, रेशमा 3, तनू 4, रानी 6, गौरी 4, गौतम 5, विवेक 6 खेल रहे थे। अगर थोड़ी देर हो जाती तो इनकी जान बचनी मुश्किल थी। नगर पंचायत बाह के चेयरमैन सुनील बाबू ने कहा कि शिवम ने बहादुरी का काम किया है। उसे सम्मानित किया जाएगा।
वहीं शिवम का कहना था कि मेरे दिमाग में उस समय सिर्फ यही चल रहा था कि आग से कैसे दूर जाएं, इसलिए मैंने सभी से कहा कि धीरे धीरे बाहर की ओर चलते रहें।