इसकी कार्यदायी संस्था विकास प्राधिकरण ने भवन निर्माण के लिए गाजियाबाद की कंपनी से अनुबंध किया है। यह कंपनी फरवरी 2023 में निर्माण कार्य पूरा करेगी। इसमें अंडरग्राउंड पार्किंग का भी प्रावधान किया गया है। भवन का बाहरी लुक धार्मिक स्वरूप के अनुरूप रहेगा।
सीएम हैं तीर्थ विकास परिषद के अध्यक्ष
उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के एक्ट के मुताबिक इसके अध्यक्ष मुख्यमंत्री हैं, जबकि उपाध्यक्ष को मुख्य सचिव का दर्जा प्राप्त है। इसके अलावा 18 से अधिक विभागों के प्रमुख सचिव के साथ कमिश्नर आगरा और मथुरा के डीएम भी सदस्य के रूप में शामिल हैं।
योजनाओं का खाका होता है तैयार
मथुरा की पृष्ठभूमि धार्मिक है। जिले में कोई भी विकास से संबंधित योजना का खाका परिषद ही तय करती है। अन्य सभी विभागों से तालमेल करके उसे विकसित किया जाता है। मौजूदा समय में करीब 500 करोड़ की परियोजनाएं जिले में चल रही हैं।
पर्यटन को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान रखा जाता है। रसखान की समाधि, ब्रह्मांड घाट, गोवर्धन परिक्रमा, गोवर्धन-वृंदावन बस अड्डा, श्रीकृष्ण जन्म स्थान, चिंताहरण महादेव, यमुना देवरहा घाट, कोकिलावन शनिधाम आदि प्रोजेक्ट तीर्थ विकास परिषद ने विकसित किए हैं।
ब्रज तीर्थ विकास परिषद के सीईओ नगेंद्र प्रताप ने बताया कि परिषद का कार्यालय भवन 8.60 करोड़ की लागत से तैयार होगा। इसका अनुबंध निर्माण एजेंसी से हो चुका है, इसे फरवरी 2023 तक तीन मंजिल भवन बनाकर तैयार करना है। सदर तहसील परिसर के निकट जवाहरबाग के बाहरी हिस्से में यह भवन तैयार होगा।