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...तो लड़कों को मांगना पड़ेगा आरक्षण

Sun, 04 Dec 2016 12:18 AM IST
...तो लड़कों को मांगना पड़ेगा आरक्षण
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...तो लड़कों को मांगना पड़ेगा आरक्षण - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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 डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के 82वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल/कुलाधिपति राम नाईक ने छात्रों को सुधरने की सलाह दी। अभी तो लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण दिए जाने की बात चल रही है। आगे स्थिति यही रही तो लड़कों को आरक्षण मांगना पड़ेगा।
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राज्यपाल ने बताया कि डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय से सत्र 2015-16 में 1,85,700 को डिग्री दी गई। इसमें 60 फीसदी छात्र, 40 फीसदी छात्राएं हैं। उच्च शिक्षा में छात्राओं की संख्या कम जरूर है पर आंकड़े उनकी क्षमता को प्रदर्शित करते हैं। महिला सशक्तिकरण का नारा बुलंद है। विश्वविद्यालय के 113 मेडल में से 24 पर छात्रों और 89 छात्राओं का कब्जा है। जो कि क्रमश: 21 और 79 फीसदी है। वहीं 22 फीसदी गोल्ड छात्रों को तो 78 फीसदी छात्राओं को मिला है। 
कुलाधिपति ने समारोह में देरी से पहुंचने के लिए खेद जताया। कहा कि वह मेडलिस्ट के साथ फोटो खिंचवाने से वंचित रह गए। इसके आनंद अलग होता है। उन्हाेंने कहा कि तीन दिसंबर का दिन खास है। इस दिन देश के पहले राष्ट्रपति डा. राजेंद्र प्रसाद की जयंती है। उन्होंने कहा कि यह विवि प्रदेश ही नहीं देश का बड़ा विश्वविद्यालय है। इससे 905 कालेज संबद्ध हैं। दीक्षांत समारोह महत्वपूर्ण दिन होता है। छात्र-छात्राओं के लिए यह प्रमुख पड़ाव है। यहां से आगे के जीवन का भी मार्गदर्शन होता है। 
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राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालय की गुणवत्ता बढ़ाने और शोध करने की जरूरत है। जिससे यह सबसे बड़े के साथ सबसे अच्छा विश्वविद्यालय बन सके। उन्होंने विद्यार्थियों को सफलता के चार सूत्र बताए। पहला मुस्कराते रहो, दूसरा अच्छे कार्य के लिए दूसरों को प्रोत्साहित करो। किसी को अवमानना मत करो, कड़ी मेहनत करो। जीवन का सूत्र ‘चलते रहो, चलते रहो’ बताया।
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