आगरा में थाना सिकंदरा की महर्षिपुरम कालोनी से 12 सितंबर की सुबह लापता हुए छात्र का शव ताजगंज में यमुना नदी में 16 सितंबर को ही मिल गया था। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने दाह संस्कार कर दिया। इसके बाद पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे उसके परिवारीजनों ने कपड़ों से उसकी शनाख्त की।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण डूबना आया है। इस आधार पर पुलिस आत्महत्या का केस मानकर चल रही है लेकिन परिवारीजनों का आरोप है कि उसकी हत्या की गई है। उनका कहना है कि उसे यमुना में डुबोकर मारा गया है।
बताया गया है कि 12 सितंबर कौशलेंद्र यादव उर्फ दीपू (18) के घर से निकलने के थोड़ी देर बाद ही जगदीशपुरा के दो युवकों भूरी सिंह और विकास ने उससे मोबाइल फोन लूट लिया था। इसमें नया सिम डाल लिया था। पुलिस ने मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लिया तो भूरी और विकास पकड़े गए।
अब दीपू के परिवारीजन उन पर ही हत्या का आरोप लगा रहे हैं। हालांकि अभी तहरीर नहीं दी है। उधर इन दोनों का कहना है कि वे मोबाइल लुटेरे हैं, पहले भी कई लोगों से मोबाइल लूट चुके हैं। मोबाइल लूटकर भाग गए थे।
एसएससी की कर रहा था तैयारी
कौशलेंद्र मूल रूप से एटा के जलेसर के सादाबाद रोड स्थित यादव मार्केट का रहने वाला था। उसके पिता जितेन्द्र यादव किसान हैं। कौशलेंद्र 12 वीं कर चुका है। महर्षिपुरम में पंकज शर्मा के मकान में किराए पर रहकर एसएससी परीक्षा की तैयारी कर रहा था। इससे पहले नोएडा में पढ़ा है।
वह 12 सितंबर की सुबह सैर पर निकला था। आसपास के सीसीटीवी फुटेज में उसकी तलाश की गई। वह कई जगह अकेला जाता नजर आया। उसकी लोकेशन दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के पीछे ककरैठा गांव के जंगल की तरफ भी आई।
यह महर्षिपुरम के पास ही यमुना किनारे है है। संभावना यह है कि वह ककरैठा में डूबा और शव बहकर ताजगंज में शव पहुंच गया । पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह भी पता चला है कि उसकी मौत 12 को ही हो गई थी। शव पर चोट का कोई निशान भी नहीं है।
ब्लू व्हेल गेम का चक्कर तो नहीं
पुलिस के सामने एक बिंदु यह भी आया है कि कहीं दीपू की मौत की वजह ब्लू व्हेल गेम तो नहीं है। वह अक्सर मोबाइल पर व्यस्त रहता था। सुबह जल्दी घर से निकला। पहले ककरैठा के जंगल में गया और फिर नदी में उसकी लाश मिली। इसके चलते एक चर्चा यह भी चल रही है कि कहीं उसे नदी में छलांग लगाने का टास्क तो नहीं मिला था।
हालांकि परिवारीजनों का इससे साफ इनकार है। उनका कहना है कि यह साफ तौर पर हत्या का मामला है। वे हत्या की ही तहरीर देंगे। पुलिस ठीक से पड़ताल करे तो हत्यारे पकड़े जाएंगे। उधर सिकंदरा थाना के प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि यह केस गुमशुदगी में दर्ज है। परिवार वाले जो तहरीर देंगे, उस पर आगे की जांच की जाएगी।