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लापरवाही: पुलिस के इंतजार में एक घंटे श्मशान घाट पर रखा रहा कोरोना संक्रमित महिला का शव

Thu, 09 Apr 2020 02:01 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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आगरा में कोरोना वायरस से संक्रमित बुजुर्ग महिला का शव एक घंटे तक मोक्षधाम श्मशान घाट में सिर्फ इसलिए रखा रहा क्योंकि पुलिस और प्रशासन से कोई नहीं आया था। श्मशान घाट के कर्मचारियों को इसकी जानकारी नहीं थी कि कोरोना संक्रमित के दाह संस्कार में क्या एहतियात बरतने हैं। 
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बाद में पुलिस से फोन पर जानकारी मिलने पर दाह संस्कार किया गया। मृतक महिला के परिवार से चार लोग आए। इन्होंने एहतियात के साथ दूर से ही नमन कर अंतिम विदाई दी।

सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज (एसएन मेडिकल कॉलेज) में दिल का दौरा पड़ने से कोरोना संक्रमित वृद्धा की मौत बुधवार सुबह साढ़े 10 बजे हो गई थी। करीब साढ़े बारह बजे एसएन मेडिकल कॉलेज से शव को सीधे ताजगंज स्थित मोक्षधाम ले जाया गया।
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शव वाहन के साथ कोई भी नहीं गया

मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने थाना एमएम गेट और प्रशासन के अधिकारियों को भी जानकारी दी, लेकिन शव वाहन के साथ कोई भी नहीं गया। एक बजे शव वाहन वहां पहुंचा तो वहां के कर्मचारी ने अंतिम संस्कार करने से मना करते हुए आधिकारिक पत्र मांगा। 

इस पर एंबुलेंस स्टाफ ने कॉलेज प्राचार्य और पुलिस कंट्रोल रूम के 112 नंबर पर कॉल किया। वहां से निर्देश मिले कि शव का दाह संस्कार एहतियात से किया जाए। लोग बहुत नजदीक न जाएं। 

इसके बाद शव का अंतिम संस्कार किया गया। मोक्षधाम के कर्मचारियों ने बताया कि वृद्धा के परिवार से चार लोग शामिल हुए। इसमें उनका बेटा और दो पौत्र थे।
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विद्युत शवदाह गृह में अंतिम संस्कार

क्षेत्र बजाजा कमेटी के अध्यक्ष सुनील विकल ने बताया कि शव के अंतिम संस्कार के लिए कोई कागजात नहीं थे, संक्रमित मरीज के शव का कैसे अंतिम संस्कर किया जाएगा, इसका भी कोई मानक नहीं बताया था। पत्र और जानकारी के बाद शव का विद्युत शवदाह गृह में अंतिम संस्कार कर दिया।

एसएन मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ एसके जैन ने बताया कि मरीज की मौत के बाद थाना एमएम गेट और इमरजेंसी चौकी को जानकारी दे दी थी। शव को पुलिस के हैंडओवर भी कर दिया था, लेकिन कोई साथ नहीं गया। बाद में कागज पहुंचाए गए, जिसके बाद अंतिम संस्कर हुआ।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बबलू कुमार ने कहा कि शव के साथ पुलिसकर्मी क्यों नहीं गए, इसकी जानकारी कराई जा रही है। 
 
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