मामले में विवेचना जुलाई में सीबीसीआईडी ट्रांसफर कर दी गई थी। विवेचक ने साक्ष्य और अन्य जानकारी जुटा ली है। अब जमीन प्रकरण में सामने आए लोगों के बयान दर्ज होंगे। 50 से अधिक की सूची तैयार की गई। विवेचक ने प्रश्नावली तैयार की है। किससे क्या पूछा जाना है? किन साक्ष्य के बारे में जानकारी लेनी है? यह सब पता किया जा रहा है।
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उमा देवी बनी थी जमीन की फर्जी मालकिन, पुलिस ने भेजा था जेल
मामले में डीसीपी सिटी सूरज राय के नेतृत्व में बनी एसआईटी ने जांच की थी। उमा देवी को गिरफ्तार किया था। विवेचना में सामने आया कि उमा देवी ने फर्जी तरीके से वारिस बनकर मुकदमा दर्ज कराया था। नगर निगम से टहल सिंह का फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाया गया था, जबकि वह जिंदा थे। पुलिस ने फर्जीवाड़े में रवि कुशवाहा, उसके भाई शंकरिया, उमा देवी, धर्मेंद्र वर्मा, मोहित कुशवाहा और राजू को जेल भेजा था।
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