मैनपुरी। लॉकडाउन के बीच जिले की एक मात्र ब्लड बैंक में खून की कमी हो गई है। कुछ ग्रुप का ब्लड खत्म हो गया है तो कुछ में एक या दो यूनिट ही ब्लड बचा है। खून की कमी स्वास्थ्य विभाग के लिए चिंता का विषय है।कभी भी यहां बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है।
जिले में ब्लड की आपूर्ति के लिए जिला अस्पताल स्थित एक ही ब्लड बैंक है। इस समय ब्लड बैंक में ब्लड की कमी हो गई है। आमतौर पर यहां करीब 70 यूनिट ब्लड हर समय रहता था। वर्तमान में मात्र 28 यूनिट ब्लड ही बचा है। इसमें केवल ओ पॉजिटिव के 14 यूनिट हैं। अन्य ग्रुप का ब्लड कभी भी समाप्त हो सकता है। ए निगेटिव, एबी निगेटिव और ओ निगेटिव की एक भी यूनिट ब्लड बैंक में उपलब्ध नहीं है।
लॉकडाउन के कारण तीन शिविर हुए स्थगित
ब्लड बैंक प्रभारी विनोद तिवारी बताते हैं कि इंजीनियरिंग कॉलेज का रक्तदान शिविर मार्च के अंतिम सप्ताह में लगना था। ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त का रक्तदान शिविर एक अप्रैल को और पंजाब नेशनल बैंक का रक्तदान शिविर 10 अप्रैल को लगना था जो लॉकडाउन के कारण स्थगित कर दिया है। इन शिविरों से करीब 70 यूनिट रक्त आने की संभावना थी जो अब संभव नहीं है।
ऑन कॉल बुलाए जा रहे पंजीकृत रक्तदाता
ब्लड बैंक प्रभारी विनोद तिवारी बताते हैं कि जरूरतमंदों को ब्लड उपलब्ध कराने के लिए पहले तो मरीज के तीमारदारों ग्रुप मिलान किया जा रहा है। यदि किसी का नहीं मिलता है तो ऑन कॉल पहले से पंजीकृत रक्तदाताओं को बुलाया जा रहा है, जिससे व्यवस्था चल रही है।
किस ग्रुप का कितना है ब्लड
ग्रुप का नाम उपलब्ध ब्लड यूनिट में
ए पॉजिटिव 02
ए निगेटिव 00
बी पॉजिटिव 03
बी निगेटिव 03
एबी पॉजिटिव 05
एबी निगेटिव 01
ओ पॉजिटिव 14
ओ निगेटिव 00
ब्लड बैंक में रक्त की कमी है, कोई भी रक्तदाता यहां पहुंचकर रक्तदान कर सकता है। लॉकडाउन में रक्तदान करने वाले को कोई नहीं रोकेगा। इसके लिए वह रोकने वाले को अपनी बात बता सकता है और स्वास्थ्य विभाग के कंट्रोल रूम को भी अवगत करा सकता है। अधिक से अधिक लोग रक्तदान के लिए उपस्थित हों। रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं है।
डॉ. आरके सागर, सीएमएस