मैनपुरी/औंछा। थाना औंछा की चौकी पड़रिया के इंचार्ज ने न दृष्टिहीन किशोरी का शांतिभंग करने में चालान किया है। पुलिस की कार्रवाई पर क्षेत्र के लोगों ने सवालिया निशान लगाया है।
थाना औंछा के गांव नगला महानंद में 26 जून को उमा देवी तथा प्रीती के मध्य विवाद हो गया था। पड़रिया चौकी इंचार्ज मनोज कुमार पोनिया ने उमा देवी और प्रीती को जेल भेज दिया था। उमा देवी का आरोप है दूसरे पक्ष से मिलकर उनकी दृष्टिहीन पुत्री मोनिका के खिलाफ चौकी इंचार्ज ने शांति भंग करने के आरोप में कार्रवाई कर दी है। इससे परिवार के लोगों सहित ग्रामीणों में चौकी इंचार्ज के खिलाफ आक्रोश है। उमादेवी ने मामले की शिकायत थानाध्यक्ष से की। उनका आरोप है कि थानाध्यक्ष ने शिकायत पर कार्रवाई करना तो दूर शिकायत की सुनवाई तक नहीं की। उमादेवी ने एसपी से मामले की जांच कराकर दृष्टिहीन किशोरी को न्याय दिलाने तथा दोषी पाए जाने पर चौकी इंचार्ज के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मंाग की है।
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मामले की जानकारी नहीं है। मामले की विस्तृत तरीके से जांच कराई जाएगी। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे उनके अनुसार ही कार्रवाई की जाएगी। - विजय प्रताप सिंह, सीओ कुरावली