रात दो बजे का समय था और लोग गहरी नींद में सो रहे थे। इस दौरान जोरदार धमाके से शहर का औद्योगिक क्षेत्र दहल गया। औद्योगिक क्षेत्र के आसपास के इलाके दहल गए। औद्योगिक क्षेत्र से तीन किलोमीटर दूर तक धमाका सुना गया।
यह धमाका औद्योगिक क्षेत्र के निकट कैमीकल फैक्ट्री में हुआ था। फैक्ट्री के टिन शैड के परखच्चे उड गए और काफी दूर-दूर जाकर मलवा गिरा। फैक्ट्री की दीवारें ढह गईं। आसपास के कारखानों की दीवारों में दरारें आ गई। कई कारखानों में आफिसों के शीशे टूट गए।
नगला भाऊ स्थित शहर के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र में सैकडों चूड़ी और ग्लास के कारखाने हैं। इन कारखानों के बीच एक फैक्ट्री में कैमीकल बनाने का काम भी चल रहा है। इस फैक्ट्री पर दो अलग-अलग बोर्ड लगे हैं। एक बोर्ड पर टोसर वोरक्स इंड्रस्टीज तो दूसरे बोर्ड पर जीपी केमीकल इंड्रस्टीज लिखा हुआ है।
कैमिकल फैक्ट्री
- फोटो : अमर उजाला
फैक्ट्री का संचालन बाग छिंगामल निवासी सुधीर गर्ग कर रहे हैं। रात दो बजे जबरदस्त धमाके के साथ फैक्ट्री का टिन शैड उड़ गया। यह केवल धमाका नहीं था, धमाके के साथ विस्फोट हुआ इसमें फैक्ट्री की दीवारें ढह गईं।
इस समय औद्योगिक क्षेत्र में चूड़ी और ग्लास के कारखानों में रात की शिफ्ट का काम चल रहा था। धमाका इतना तेज था कि दहशत के कारण काम कर रहे मजदूर बाहर निकल आए। देखा तो कैमीकल फैक्ट्री के टिन शेड के टुकड़े चारों तरफ और दूर-दूर तक बिखरे पडे थे। मजदूरों ने बताया कि विस्फोट इतना भयावह था कि कुछ क्षण के लिए पूरा इलाका दहशत में आ गया।
फैक्ट्री एरिया ही नहीं आसपास के घनी आबादी वाले क्षेत्र मुरली नगर, सुहाग नगर, गणेश नगर, हिमांयूपुर और स्टेशन रोड सहित कई क्षेत्रों में धमाके की आवाज सुनी गई। औद्योगिक एरिया में अफरा-तफरी मच गयी। पास में स्थिति श्रीनाथ ग्लास फैक्ट्री के आफिस के शीशे टूट गए, दरवाजा टूट गया। एक कारखाने के गेट पर तैनात चौकीदार यकायक दरवाजा टूटने से दूर जाकर गिरा।
कैमिकल फैक्ट्री
- फोटो : अमर उजाला
नजदीक ही स्थिति आनंद ग्लास में आफिस के कांच के शीशे टूट गए। धमाके से आफिस के दरवाजों के लाक टूट गए। आसपास की कई कारखानों की दीवारें चटक गईं। फैक्ट्री के पास लगे मोबाइल टावर की केबिलें टूट गईं।
टावर पर से लोहे की पत्तियां उखड़ कर काफी दूर जाकर गिरी। सूचना पर थाना दक्षिण से पुलिस फोर्स पहुंचा। स्थिति देखने के बाद फोर्स लौट आया। जिस समय फैक्ट्री में हादसा हुआ उस समय काम नहीं चल रहा था। इस कारण जनहानि होने से बच गई।