आगरा। हाईवे के खंदारी ओवरब्रिज से सर्विस रोड पर जाने के लिए बने कट पर रविवार शाम को बाइक सवार मेडिकल छात्र सिद्ध और तनिष्क की जान चली गई। पुलिस की फाइल में यह कट किसी ब्लैक स्पाॅट से कम नहीं है। इसके बावजूद लापरवाही है। कट पर न कोई बोर्ड है, न ही संकेतक लगाया गया है।
कट पर डिवाइडर भी नहीं है, जिस वजह से हाईवे और सर्विस रोड से आने वाले वाहनों के टकराने की हर पल संभावना बनी रहती है। यहीं नहीं, यह हालत रुनकता से लेकर एत्मादपुर तक का है। ब्लैक स्पाॅट पर लोगों की जान जाने के बाद भी न तो रोड इंजीनियरिंग बदली गई और न ही संरक्षा के इंतजाम किए गए।
खंदारी फ्लाईओवर के आईएसबीटी की तरफ सर्विस रोड पर जाने वाले कट पर घटनास्थल का सोमवार को पुलिस ने निरीक्षण किया। हरीपर्वत थाना प्रभारी नीरज शर्मा पहुंचे। उन्होंने पाया कि पूर्व में खंदारी से लेकर आईएसबीटी तक सर्विस रोड पर मेट्रो ने निर्माण कार्य किया था। पिलर खड़े किए थे। तब इस कट पर डिवाइडर लगाए थे। अब मेट्रो का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इसके बाद कट से डिवाइडर हटा दिया गया।
वर्तमान में यह कट 25 से 30 मीटर तक बन गया है। कई वाहन हाईवे और सर्विस रोड पर तेज गति से आते हैं तो कट पर अचानक टर्न लेते हैं। ऐसे में वाहनों के टकराने की हर पल संभावना रहती है। दोनों छात्रों की माैत की वजह भी यही मानी जा रही है। हाईवे पर किसी वाहन की टक्कर से दोनों छात्रों की बाइक अनियंत्रित हो गई। वह डिवाइडर पर चढ़ गई। सिर में चोट लगने से दोनों की मौत हुई।
- रुनकता में हादसे के तीन पाॅइंट
रुनकता में तीन स्थानों पर आए दिन हादसे होते हैं। इनमें हीरा लाल की प्याऊ, गोवर्धन ढाबा और आस्था सिटी कट पर हादसे हो चुके हैं। 4 अक्तूबर को गोवर्धन ढाबा कट पर हादसा हुआ था। इसमें चार लोगों की माैत हो गई थी। इसी तरह चार दिन पहले अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार युवक की माैत हुई थी। पत्नी गंभीर घायल हुई थी। हादसे की वजह से सर्विस रोड और हाईवे के कट पर कोई संकेतक और बोर्ड नहीं लगाया गया।यहां पर कई बार हादसों के बाद भी रोड इंजीनियरिंग में बदलाव नहीं किया गया। संरक्षा के इंतजाम भी नहीं हुए।
जरूरी इंतजाम के दिए हैं निर्देश
जिलाधिकारी के साथ हुई मीटिंग में पीडब्ल्यूडी और राष्ट्रीय राजमार्ग अथाॅरिटी को अवगत कराया गया था। राजमार्गों पर जरूरी इंतजाम करने के लिए निर्देश दिए गए हैं। इसमें संकेतक, सड़क बनाने, बोर्ड लगाने, लाइट के इंतजाम आदि करने के लिए कहा गया है।
- सोनम कुमार, डीसीपी ट्रैफिक
क्रिटिकल काॅरिडोर टीम करेगी जांच
आगरा में 17 क्रिटिकल काॅरिडोर टीमों का गठन किया गया है। यह टीम किसी घटना के कारणों की जांच करेगी। घटनास्थल पर जाकर जरूरी इंतजाम कराएंगी। डीसीपी ट्रैफिक ने बताया कि टीम से रिपोर्ट मांगी गई है। वह जांच करेगी। इसके साथ ही प्राथमिकी दर्ज होने पर विवेचना भी करेगी। रिपोर्ट के आधार पर घटनास्थल पर जरूरी इंतजाम भी किए जाएंगे।
एत्मादपुर में हुए कई हादसे
एत्मादपुर में बरहन तिराहे और तहसील चाैराहे पर कई बार हादसे हो चुके हैं। इसके अलावा सताैली कट पर भी लोगों की जान जा चुकी है। सताैली कट से लोग बाइक निकालते हैं। इस दाैरान टूंडला की तरफ से आने वाले वाहनों से टक्कर का खतरा बना रहता है। इस कट पर पूर्व में चार दिन में चार लोगों की जान गई थी। लोगों का कहना है कि इस कट को पूरी तरह से बंद किया जाए। बरहन तिराहे और तहसील कट पर बड़ी संख्या में लोग निकलते हैं। पुल न होने की वजह से हाईवे पर दाैड़ते वाहनों से हादसे का शिकार हो जाते हैं। इन कट पर कोई संकेतक भी नहीं लगे हैं।
यह है समस्या
- हाईवे पर तेज रफ्तार वाहन आते हैं। इस बीच शहर में कई रास्तों से लोग हाईवे पर होते हैं। इन वाहनों की गति कम होती है। भारी वाहनों की गति अधिक होती है। इस वजह से हादसे होते हैं।
- शहरी क्षेत्र से निकलने वाले हाईवे पर भारी वाहन नहीं चलने चाहिए। उत्तरी बाईपास अभी तक शुरू नहीं हुआ है। अगर यह शुरू हो जाता है कि तो वाहन मथुरा के रैपुरा जाट से सीधे खंदाैली क्षेत्र में एक्सप्रेसवे पर निकल सकेंगे।
(अधिवक्ता केसी जैन के मुताबिक)
15 से अधिक ब्लैक स्पाॅट
डीसीपी ट्रैफिक ने बताया कि हाईवे पर 15 से अधिक ब्लैक स्पाॅट चिह्नित हैं। एक स्थान पर 3 से अधिक हादसों के बाद ब्लैक स्पाॅट चिह्नित किया जाता है। इसके बाद जरूरी इंतजाम संबंधित विभाग करते हैं, जिससे दोबारा होने वाले हादसों को रोका जा सके।