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पुष्टाहार की कालाबाजारी: आंगनबाड़ी केंद्रों से घूस, दो अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध...गहरीं हैं जड़ें

Fri, 04 Oct 2024 12:01 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, आगरा

सार

पुष्टाहार की कालाबाजारी के खेल में बड़ा खुलासा हुआ है। आंगनबाड़ी केंद्रों से दो-दो हजार की घूस पर ये खेल चल रहा था। इस रकम का आपस में बंदरबांट किया जा रहा था। 
 
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आंगनबाड़ी के आहार की कालाबाजारी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा में पुष्टाहार की कालाबाजारी करने वालों की जड़ें गहरी हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सुपरवाइजर से लेकर कई बड़े लोग भी खेल में शामिल हैं। केंद्रों से हर महीने 2-2 हजार रुपये घूस, राशन की बिक्री में मुनाफा कमाया जा रहा है। बुधवार को नाई की मंडी पुलिस की गिरफ्त में आए गोदाम मालिक प्रवीण अग्रवाल और दो आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भारती देवी, इंदु शर्मा से पूछताछ में पुलिस को कई जानकारी हाथ लगी है। दो अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध है।
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नाई की मंडी स्थित कटरा हाथी शाह, डेरा सरस के रहने वाले प्रवीण अग्रवाल के घर में 27 सितंबर को छापा मारा गया था। इसमें आंगनबाड़ी केंद्रों पर बंटने वाला खाद्यान्न मिला था। मामले में मंगलवार को केस दर्ज हुआ। मुख्यमंत्री ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
 
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पुलिस सूत्रों ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से पता चला है कि हर केंद्र से 2-2 हजार रुपये महीना घूस ली जाती है। जो रकम नहीं देता है, उसका निरीक्षण किया जाता है। कमियां निकाल दी जाती हैं। रकम देने के लिए दबाव बनाया जाता है। कार्रवाई का भय दिखाया जाता है। यह रकम सुपरवाइजर वसूल करते हैं। इस पर पुलिस ने सुपरवाइजर से पूछताछ की। उसके पास 15 आंगनबाड़ी केंद्र की सूची मिली, जिसमें से 13 ने रकम अदा कर दी थी। बाकी से भी रकम ली जानी थी।
 
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