ब्लैक फंगस मरीजों के आंख-नाक ही नहीं तालु और मस्तिष्क तक पहुंच रहा है। एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती हुए 76 मरीजों में से 68 का ऑपरेशन करना पड़ा है। ब्लैक फंगस वार्ड के प्रभारी डॉ. अखिल प्रताप सिंह ने बताया कि शुुरुआती मरीजों में आंखों में ब्लैक फंगस मिल रहा था। बीते एक महीने से नाक, गाल की हड्डी, मस्तिष्क, जबड़े और तालु तक फंगस के मरीज ज्यादा आ रहे हैं। अभी तक 76 मरीज भर्ती हुए हैं। इनमें से 48 मरीजों के ऑपरेशन किए गए हैं। सबसे ज्यादा नाक, गाल और जबड़े के ऑपरेशन हुए हैं।
ऑपरेशन कर मरीज का जबड़ा निकाला
- मंगलवार को दो मरीजों के ऑपरेशन हुए। शिकोहाबाद के 48 साल के मरीज का जबड़ा निकालना पड़ा। फंगस जबड़े तक पहुंच गई थी। 50 साल के दूसरे मरीज का दूरबीन विधि से नाक के रास्ते से सायनस का ऑपरेशन किया है।
चार मरीज और हुए डिस्चार्ज
ब्लैक फंगस के चार और मरीज ठीक हो गए हैं। मंगलवार को इन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया। अब तक 13 मरीज ठीक हो गए हैं। बीते दो दिन में सात मरीज ठीक हो चुके हैं।