भाजयुमो सदस्य गांजा में जेल भेजे जाने से तनाव में थे। परिजनों ने घटना के बाद उपचार के लिए दिल्ली गेट के अस्पताल में भर्ती कराया, जहां ऑपरेशन होने के बाद हालत में सुधार बताया जा रहा है।
आगरा में हरीपर्वत थानाक्षेत्र के सिविल लाइंस में बृहस्पतिवार शाम को भाजयुमो कार्यकर्ता गौरव पथिक ने अपने मामा के घर में आत्महत्या की कोशिश की। उनकी लाइसेंसी रिवाल्वर से अपने सिर में दो गोलियां मार लीं। देहली गेट स्थित निजी अस्पताल में ऑपरेशन के बाद हालत में सुधार है। परिजन का कहना है कि तनाव में आकर आत्मघाती कदम उठाया है।
विज्ञापन
गौरव पथिक नगला अजीता के निवासी हैं। उनके भाई संभव शर्मा के मुताबिक, गौरव भाजयुमो में सक्रिय थे। फरवरी में जगदीशपुरा पुलिस ने गौरव को पकड़ा और सवा किलोग्राम गांजा बरामद दिखाकर जेल भेज दिया। दस दिन बाद जमानत हुई। पुलिस की कार्रवाई के पीछे साजिश थी। जेल से बाहर आने के बाद से गौरव तनाव में थे। वह दवा का कारोबार भी नहीं कर पा रहे थे। बृहस्पतिवार शाम को सिविल लाइंस स्थित अपने मामा नरेश शर्मा के यहां गए थे। मामा सो रहे थे। चाय पीने के बाद गौरव कमरे में ही बैठे रहे। मामा की लाइसेंसी रिवाल्वर बेड पर रखी थी। उन्होंने रिवाल्वर से खुद को दो गोली मार ली। गोली की आवाज सुनकर मामा जाग गए। गौरव को लहूलुहान हालत में देहली गेट स्थित अस्पताल में ले गए, जहां उनका ऑपरेशन किया गया।
जब्त कर ली गई रिवाल्वर
थाना हरीपर्वत के प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार ने बताया कि तनाव में आकर युवक ने गोली मार ली थी। हालत में सुधार है। ठीक होने पर उससे बात की जाएगी। परिजनों ने तनाव में आकर यह कदम उठाने की बात कही है। रिवाल्वर जब्त कर ली गई है।