सपा के करीबी अफसरों का बंधेगा बोरिया बिस्तर
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सपा सरकार में मौज उड़ाने वाले अफसर बड़े बेचैन बताए जा रहे हैं। इनमें सबसे ज्यादा पुलिस के हैं। दूसरे नंबर पर एडीए में। प्रशासन, नगर निगम और पीडब्लूडी में भी लंबी फेहरिस्त हैं। ऐसे भी हैं जो तमाम विवाद के बावजूद हटाए नहीं गए।
आगरा में सपा की लुटिया डूब जाने की एक वजह क्राइम कंट्रोल में पुलिस का फेल हो जाना भी माना जा रहा है क्योंकि विकास कार्यों पर तो अखिलेश यादव ने काफी ध्यान दिया था। जाहिर है, भाजपा सरकार ऐसे अफसरों को पोस्टिंग पर नहीं रखना चाहेगी जो सपा शासन में फेल रहे। इस दौरान सांप्रदायिक तनाव के मामले कई बार हुए।
प्रशासन में उन अधिकारियों पर गाज गिर सकती है जो तिकड़म के जरिए लंबे समय से जिले में जमे हुए हैं। कभी किसी पद पर तो कभी किसी पर। अधिकारियों के अलावा उन नेताओं की भी मुश्किल आएगी जो अलग अलग महकमों की समिति से सपाई होने के चलते पद पाए हुए हैं। चाहे जेल विजिटर हों या सिविल डिफेंस के पदाधिकारी। इनकी अलग-अलग समिति में सिफारिशें चलने की शिकायतें रहीं। शांति समिति में भी सपा नेताओं की सिफारिश खूब चली।
अब तेज होगी मनोज गोयल की तलाश
आगरा। मथुरा की सौ करोड़ की तेल चोरी के मास्टरमाइंड मनोज गोयल की तलाश में भी अधिकारी ढिलाई बरतते रहे हैं। इसकी दो वजह बताई जाती हैं। एक तो कई अफसरों से उसके रिश्ते हैं। दूसरा वह पुलिस के काम भी खूब आया है। उसके पैसे लेकर थाने और चौकियों में लगाए गए। अब निजाम बदल गया है तो अफसरों को रवैया बदलना पड़ेगा।
होटल जोधा द ग्रेट पर गिर सकती है गाज
आगरा। एएसआई और एडीए के नियमों को ताक पर रखकर बनाए गए सिकंदरा के होटल जोधा द ग्रेट पर अब एक्शन हो सकता है। इसके मालिक के सपा नेताओं से करीबी रिश्ते बताए जाते हैं। राम गोपाल यादव ने होटल का उद्घाटन किया था। इसी के चलते माना जाता रहा कि अधिकारी एक्शन लेने में डरते रहे। अब सपा की सरकार चली गई है तो शायद अफसरों के मन से डर भी निकल जाए।