ताजनगरी के चुनाव के नतीजों पर सट्टा भी खूब लगाया जा रहा है। सटोरिए भाजपा पर दाव लगा रहे हैं। पांच सीटों पर भाजपा को मजबूत बताया जा रहा है। यहां भाजपा की जीत पर ज्यादा सट्टा लगा है। कहा जा रहा है कि संख्या छह तक पहुंच सकती है। तीन सीटों पर भाजपा और बसपा में कांटे की टक्कर बताई जा रही है। सपा-कांग्रेस का भाव बहुत कम है। पुलिस की नजर सटोरियों पर है। पिछले दिनों ताजगंज में श्याम बोहरा नाम का बड़ा सटोरिया पकड़ा भी गया था। वह भी क्रिकेट के साथ चुनाव नतीजों पर सट्टा लगवा रहा था। इसके बावजूद सटोरिए बाज नहीं आए हैं। पुलिस के पास जानकारी पहुंच रही है कि सट्टा बाजार में इस समय सिर्फ चुनाव पर ही सट्टा लग रहा है। खास बात यह है कि सभी सीटों पर भाजपा टक्कर में बताई जा रही है। बसपा की स्थिति दूसरे नंबर पर बताई जा रही है। हालांकि पिछले चुनावों में सटोरियों के अनुमान फेल हो चुके हैं लेकिन कई बार तुक्के का तीर निशाने पर लग भी जाता है।
एत्मादपुर पर सबसे ज्यादा सट्टा
आगरा। सट्टा उन सीटों पर ज्यादा लग रहा है जहां मुकाबला कांटे का हुआ है। एत्मादपुर पहले नंबर पर है। सटोरिए भाजपा और बसपा को बराबर का भाव दे रहे हैं। इसका मतलब यह हुआ कि कोई भी जीत सकता है। बसपा से डा. धर्मपाल सिंह उम्मीदवार हैं। भाजपा के राम प्रताप सिंह चौहान। इसी तरह फतेहपुर सीकरी और बाह पर सट्टा है। बाह में भाजपा से रानी पक्षालिका सिंह हैं। बसपा से मधुसूदन शर्मा।
उत्तर पर सबसे कम लगा दाव
आगरा। शहर की दो सीटों पर सट्टा बहुत कम लगा है। ये हैं उत्तर और दक्षिण। उत्तर में तो कोई सट्टा लगाने को तैयार ही नहीं। इसे भाजपा का गढ़ माना जाता है। दक्षिण में इस बार तिकोना मुकाबला हुआ। इसके बावजूद यहां सट्टा कम लगा है। इसकी वजह मुस्लिम वोटों का बंट जाना माना जा रही है। यहां सबसे ज्यादा भाजपा की जीत पर लगा है। बसपा और कांग्रेस की जीत पर भी कुछ लोगों ने दाव खेला है।
फतेहाबाद-छावनी में सपा पर भी सट्टा
आगरा। सटोरियों ने सभी सीटों पर भाजपा को टक्कर में बताया है। सात पर भाजपा का बसपा से मुकाबला बताया है। दो सीटें ऐसी हैं जहां सपा की जीत पर भी सट्टा लगाया गया है। भले ही भाव कम हो लेकिन सट्टा लगा है। ये हैं फतेहाबाद और छावनी। फतेहाबाद से डा. राजेंद्र सिंह उम्मीदवार हैं और छावनी से ममता टपलू। देखना यह है कि सटोरियों का अनुमान कितना सही निकलता है।