एत्मादपुर के ठाकुरों की ‘बाइसी’ के सहारे दूसरी बार विधानसभा में पहुंचना चाह रहे डा. धर्मपाल सिंह के इस किले को भाजपा ने ढहा दिया है। केसरिया झंडा बुलंद करते हुए भाजपा इस गढ़ में ठाकुर मतदाताओं को रिझाने में कामयाब रही। धर्मपाल ने इस क्षेत्र में संघर्ष तो बहुत किया लेकिन ठाकुरों ने जीत का रास्ता नहीं खोला। ‘बाइसी’ ने सपा और रालोद को तो सिरे से नकार दिया।
एत्मादपुर विधानसभा क्षेत्र में ठाकुरों की ‘बाइसी’ जीत की चाबी मानी जाती है। जिस प्रत्याशी पर इसने अपना प्यार लुटा दिया, वह विधानसभा में नजर आता है। पिछली बार बसपा प्रत्याशी डा. धर्मपाल सिंह ठाकुरों का मत जीतने में सफल रहे और विधायक बन गए। लेकिन इस बार उनके विजय रथ को भाजपा के ठाकुर प्रत्याशी रामप्रताप सिंह चौहान ने रोक दिया। क्योंकि इस चुनाव में ‘बाइसी’ उनके पक्ष में खड़ी नजर आई। रामप्रताप इसी बाइसी के सहारे जिले में सबसे अधिक वोट (137381 वोट) पाने में कामयाब रहे। हालांकि धर्मपाल को भी पिछली बार से अधिक वोट मिले। उन्हें 90128 वोट मिले लेकिन इसमें बसपा का मूल वोट बैंक भी शामिल था। ठाकुरों की ‘बाइसी’ के अधिकांश मतदान केंद्रों पर भाजपा ही आगे रही। वह भी अच्छे खासे अंतर से। रालोद प्रत्याशी नरेंद्र बघेल तो कुछ बूथों पर अपना खाता तक नहीं खोल पाए। वहीं, सपा प्रत्याशी राजाबेटी बघेल तमाम बूथों पर तीन अंकों में वोट हासिल नहीं कर सकीं।
इनसेट
मतदान केंद्र बसपा रालोद सपा भाजपा
पूर्व माध्यमिक वि., आंवलखेड़ा 1359 11 100 1785
प्राथमिक विद्यालय, हसनपुर 404 13 41 972
प्राथमिक विद्यालय, ऊंचा 280 3 14 297
प्राथमिक विद्यालय, चौकडा 224 3 62 1152
प्राथमिक विद्यालय, नया बांस 288 0 12 469
प्राथमिक विद्यालय, बेलौठ 212 4 10 540
राजनाथ का दिखा असर
भाजपा के वरिष्ठ नेता व गृहमंत्री राजनाथ सिंह की सभाओं का एत्मादपुर की बाइसी पर असर दिखाई दिया। उनकी सभाओं में काफी भीड़ थी। इसी से अंदाजा लगाया जा रहा था कि इस बार ठाकुर मतदाताओं का रुझान भाजपा की ओर अधिक है। 11 मार्च को खुली ईवीएम से यह साफ भी हो गया।