फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

योगी सरकार में पुलिस की कार्रवाई से नाखुश भाजपा विधायक, थाने में धरने पर बैठे

Mon, 08 Jul 2019 12:37 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, एटा
विज्ञापन
थाने में भाजपा विधायक और समर्थक - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
एटा के जलेसर से भाजपा विधायक संजीव दिवाकर अपनी ही सरकार में पुलिस की कार्रवाई से नाखुश हैं। पूर्व भाजयुमो जिलाध्यक्ष से मारपीट के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर रविवार शाम को भाजपा विधायक अपने समर्थकों के साथ कोतवाली जलेसर में धरने पर बैठ गए। 
विज्ञापन


दरअसल, नजूल की जमीन पर बरातघर निर्माण के लिए नींव खोदे जाने पर पूर्व भाजयुमो जिलाध्यक्ष सतेंद्र सिंह जादौन से मारपीट की गई। मामले में सतेंद्र की तहरीर पर पुलिस ने अदनान पुत्र अनवर, हैदर सहित छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। आरोपी हैदर व अदनान उस जमीन को अपना बता रहे हैं। 

रविवार शाम तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी न होने पर विधायक संजीव दिवाकर को जानकारी दी गई। इस पर विधायक अपने समर्थकों के साथ कोतवाली जेलसर पहुंच गए। उन्होंने मामले में कार्रवाई के बारे में पूछा तो इंस्पेक्टर बात टालने लगे। इससे मामला तूल पकड़ गया और थाने में हंगामा हो गया। 
विज्ञापन
विज्ञापन

विधायक ने कही इस्तीफे की बात

थाने में समर्थकों के साथ धरने पर बैठे विधायक - फोटो : अमर उजाला
भाजपा विधायक संजीव दिवाकर ने कहा कि यह इंस्पेक्टर लूट खसोट मचाए हुए हैं। थाने में किसी की सुनवाई नहीं हो रही है। ऐसी स्थिति रही तो इस्तीफा देना पड़ेगा। जनता लुटती रहे और विधायक की सुनवाई न हो ऐसी स्थिति में और कोई चारा नहीं है। 

उन्होंने कहा कि जब तक कार्यकर्ता के साथ मारपीट करने वालों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक थाने में ही धरना दिया जाए। वहीं सूचना पाकर सीओ जलेसर गुरमीत सिंह भी कोतवाली पहुंच गए। उन्होंने विधायक को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वो नहीं माने।
 
जमीन विवाद पर एसडीएम अरुण कुमार का कहना है कि हतौड़ा सादात में सरकारी जमीन का चिन्हांकन कर खाली कराई जाएगी। बरातघर के लिए चिंहित भूमि की भी जांच कराई जाएगी। इसके बाद ही उक्त भूमि पर निर्माण कार्य प्रारंभ हो सकेगा।

एसएसपी स्वप्निल ममगई ने कहा कि जलेसर में जो घटना हुई है उसमें आवश्यकतानुसार कार्रवाई की जा रही है। मुकदमा भी दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। विधायक को धरना देने की जरूरत नहीं थी।  
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें