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पत्नी के इलाज को फिरोज ने मांगी मदद, बीजेपी मेयर बोले- बच्चा पैदा करता है तू, खर्चा दे शासन

Mon, 01 Oct 2018 11:11 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला मथुरा
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बीमार पत्नी के मुंह से खून पोंछता पति फिरोज - फोटो : अमर उजाला
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गरीबों के लिए बहुत मुश्किल होता है बीमार का इलाज करा पाना। तकलीफ तब और बढ़ जाती है, जब किसी से मदद मांगी जाए और वो मदद की बजाय ताना मार दे। बीमार पत्नी की जान बचाने के लिए अस्पतालों के चक्कर काट रहा मथुरा का फिरोज खान भी गरीबी का मारा है। 
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उसकी पत्नी रूबी बानो को सात दिन के भीतर 12 अस्पतालों में भर्ती कराया गया। सभी कुछ समय इलाज कर लंबा चौड़ा बिल बनाते और रेफर का पर्चा परिवार वालों को थमा देते। जो जमा पूंजी थी, वो खर्च हो गई। पांच लाख से ज्यादा का कर्ज हो गया। रविवार को जिला महिला अस्पताल में भर्ती उसकी पत्नी की तबीयत फिर बिगड़ गई। 

आर्थिक तंगी से जूझ रहे फिरोज के मुताबिक जब उसने मथुरा के बीजेपी मेयर डॉक्टर मुकेश आर्य बंधु से पत्नी के इलाज के लिए मदद की गुहार लगाई तो उन्होंने यह कह दिया कि बच्चे पैदा कर रहा है तू, खर्चा शासन दे। मेयर की बेतुकी बात सुन लाचार फिरोज खामोश रह गया।   
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ऑपरेशन के बाद बिगड़ी तबीयत

मथुरा के देव नगर निवासी फिरोज खान मजदूरी करता है। दिन भर में बस इतना ही कमा पाता है जिससे दो जून की रोटी का बंदोबस्त हो सके। फिरोज की पत्नी रूबी बानो भी परिवार के भरण पोषण में उसकी मदद करती थी। लेकिन अब उसकी हालत इतनी गंभीर है कि उठ भी नहीं पा रही। मुंह से खून जा रहा है। किडनी ने काम करना बंद कर दिया है। डायलिसिस हो रही है। 

फिरोज खान ने बताया कि रूबी एक दम तंदुरुस्त थी। 24 सितंबर को जिला महिला अस्पताल में ऑपरेशन से उसने बच्ची को जन्म दिया, उसी दिन से रूबी की जान संकट में आ गई है। 25 वर्षीय रूबी बानो को मथुरा, फिर जयपुर, आगरा, अलीगढ़ और अब दिल्ली के अस्पतालों में दिखा चुका है।

पैसे न होने के कारण उसने वापस जिला महिला अस्पताल में भर्ती करा दिया। अचानक रूबी की तबीयत बिगड़ गई। उसकी नाक और मुंह से खून आने लगा। यह देख परिजन घबरा गए। उन्होंने अस्पताल स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। 
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मदद मांगने पर मेयर के बेतुके बोल

अस्पताल में मेयर डॉ मुकेश आर्य बंधु व पुलिस - फोटो : अमर उजाला
हंगामे की सूचना पर डॉ. मुकेश आर्य बंधु अस्पताल पहुंचे। उन्होंने जब मरीज को नयति ले जाने की सलाह दी तो उसके पति फिरोज ने साफ कह दिया कि इलाज के लिए इतने पैसे नहीं। शासन से सहायता करा दीजिए। इस पर ही मेयर बिगड़ गए। फिरोज की मानें तो उन्होंने यहां तक कह दिया कि बच्चे पैदा कर रहा है तू, खर्चा दे शासन। 

वहीं जब महिला के नाक से ब्लड आ रहा था तो उसे पोंछने का कॉटन तक अस्पताल में नहीं था। स्टाफ नर्स पॉलिथीन से ब्लड को पोंछती दिखी। बाद में कॉटन मंगाया गया। जब पीड़िता को ले जाने की बारी आई तो स्ट्रेचर भी काफी देर बाद आ सका। 

परिजनों ने अस्पताल में पीड़िता का ऑपरेशन करने वाली डॉ. ऋचा पर लापरवाही करने का आरोप लगाया। परिजनों ने साफ कहा कि पूर्व में कराई गई जांचों में ऐसी कोई बीमारी सामने नहीं है। 24 सितंबर को हुए ऑपरेशन के बाद ही लीवर-फेफड़ों में ये परेशानी बताई जा रही है।

इस संबंध में सीएमएस डॉ. बसंत लाल ने कहा कि ऑपरेशन तो सफल हुआ था, आज उसे सीरियस हालत में यहां लाया गया था। परिजनों को रेफर करने की बात बोली थी लेकिन वो न ले जाने की बात पर अड़े रहे। बाद में समझा-बुझाकर पीड़िता को एम्स भेज दिया गया है। 
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