मैनपुरी लोकसभा सीट पर उपचुनाव को महीना भर भी नहीं है। पांच दिसंबर को मैनपुरी लोकसभा सीट पर मतदान होगा। सभी दल प्रत्याशी को लेकर मंथन कर रहे हैं। मुकाबला सपा और भाजपा में ही माना जा रहा है। ऐसे में मतदाताओं की नजर भी इन्हीं दो दलों पर हैं। सैफई में सपा नेताओं ने प्रत्याशी को लेकर मंथन किया, वहीं भाजपा हाईकमान भी जल्द प्रत्याशी को मैदान में उतरने की कोशिश में है। सपा का तिलिस्म तोड़ने के लिए भाजपा बाहरी प्रत्याशी पर दांव खेल सकती है। भाजपा हाईकमान इसे उपचुनाव नहीं, 2024 के मुख्य चुनाव का सेमीफाइनल मान रही है।
मुलायम सिंह यादव की विरासत वाली सीट पर सपा की ओर से प्रत्याशी सैफई परिवार का ही होगा। इसको लेकर मंथन चल रहा है। पूर्व सांसद तेजप्रताप यादव के नाम की चर्चा भी खूब है। वहीं भाजपा में स्थानीय दावेदारों की लंबी लिस्ट है। बाहरी प्रत्याशी भी खूब जोर आजमाइश कर रहे हैं। एक नाम जसवंतनगर के शाक्य नेता का भी है। वह पूर्व में सपा से इटावा लोकसभा सीट का संसद में प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। पटियाली के एक शाक्य नेता की भी दावेदारी मजबूत मानी जा रही है। इसके साथ ही सिरसागंज के एक यादव नेता भी अपनी दावेदारी कर रहे हैं।
बड़े नेता का नाम भी है चर्चा में
भाजपा की ओर से प्रदेश के कद्दावर नेता का भी नाम चर्चा में है। शाक्य वोट को लुभाने के लिए पार्टी इस नेता पर भी दांव खेल सकती है। स्थानीय नेताओं की बात करें तो दस से अधिक लोगों ने टिकट के लिए दावेदारी की है। इनमें पूर्व प्रत्याशी के साथ ही पार्टी के कुछ जिला स्तरीय पदाधिकारी भी शामिल हैं।
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बसपा-कांग्रेस में भी तैयारी
उपचुनाव को लेकर बसपा और कांग्रेस ने भी तैयारी शुरू कर दी है। बसपा पार्टी हाईकमान ने जिलाध्यक्ष प्रेमचंद्र शाक्य और आगरा जोन कोआर्डीनेटरों को लखनऊ बुलाया गया है। जिलाध्यक्ष के अनुसार सोमवार को पार्टी हाईकमान के साथ बैठक होगी। वहीं कांग्रेस के प्रांतीय अध्यक्ष योगेश दीक्षित नौ नवंबर को पार्टी कार्यालय पर नेताओं के साथ बैठक करेंगे। बैठक में ही प्रत्याशी के नाम पर चर्चा हो सकती है।