कहावत है कि ‘रोम जल रहा था और नीरो बंसी बजा रहा था’ कुछ ऐसा ही नजारा सोमवार को शहर का था। उपद्रवी बेखौफ पूरे शहर में दहशत फैला रहे थे।
विज्ञापन
निर्दोष लोगों के साथ मारपीट और लूटपाट हो रही थी और भाजपा के नेता अपने घरों में बैठे थे। किसी ने बाहर निकलकर उपद्रवियों को समझाने की कोशिश की तक नहीं की।
भारतीय जनता पार्टी के जिले में नौ विधायक दो सांसद हैं। केंद्र में सरकार है उत्तर प्रदेश की सत्ता में भाजपा का काबिज है। इसके बावजूद जिले भर में बवाल हुए हैं।
विज्ञापन
भारतीय जनता पार्टी में दलित समाज का झंडा बुलंद करने का दावा करने वाले नेताओं की लंबी फौज है, जो चुनाव आने पर दलित समाज का हवाला देकर टिकट की दावेदारी भी करते हैं।
फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
वर्तमान में भी दलित समाज से सांसद कठेरिया, विधायक जीएस धर्मेश, विधायक हेमलता दिवाकर हैं लेकिन कोई भी यहां मौजूद नहीं रहा। सांसद दिल्ली में सदन की बैठक में थे तो विधायक जीएस धर्मेश और हेमलता दिवाकर पर इस उपद्रव की शिकार हुई।
जनता को छोड़िए पत्रकारों के फोन तक उठाने तक का वक्त नहीं था। विधायक योगेंद्र उपाध्याय, राम प्रताप सिंह, मेयर नवीन जैन शहर से बाहर होने का हवाला दे रहे हैं।
यही नहीं भाजपा में दलित समाज का प्रतिनिधित्व करने वाले बड़े नामों में पूर्व मंत्री डॉ. रामबाबू हरित, पूर्व मेयर अंजुला माहौर, बेबी रानी मौर्य, किशोरी लाल माहौर, इंद्रजीत आर्य, अशोक पिप्पल, ओम प्रकाश सागर, ओम प्रकाश चलनीवाले जैसे कई नेता हैं लेकिन शहर में दिखाई नहीं दिया।
एससी आयोग के अध्यक्ष रामशंकर कठेरिया का कहना है कि संसद सत्र चल रहा है। मैं दिल्ली में हूं। यह फैसला सरकार का नहीं सुप्रीम कोर्ट का है। सरकार ने मजबूती अपना पक्ष रखते हुए रिव्यू पिटीशन दाखिल किया है। इस मामले को लेकर जो उपद्रव हो रहे हैं वह राजनीति से प्रेरित हैं।
भाजपा महानगर अध्यक्ष विजय शिवहरे तो स्वयं हिंसा का शिकार हो गए। विजय शिवहरे का कहना है कि मुझे जानबूझकर टारगेट किया गया है। उन्होंने कहा कि धाकरान चौराहे की जनता जागरूक नहीं होती तो वहां उपद्रवी लूटपाट करते और घरों में घुसकर लोगों को मारते पीटते और उपद्रव मचाते।
विधायक योगेंद्र उपाध्याय का कहना था कि लखनऊ में एक बैठक में शामिल होने आया था। मुझे जैसी ही घटना की जानकारी मिली मैंने उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा को वस्तुस्थिति से अवगत कराया। मुख्यमंत्री के ओएसडी को जानकारी दी है।
विधायक राम प्रताप चौहान का कहना है कि मैं आज शहर से बाहर था, शाम को ही लौटा हूं, पहले सेमरा गांव में दंगल का उद्घाटन किया है और अब सीधे शहर में जा रहा हूं। घटना की जानकारी मिलते ही मैंने एडीजी और एसएसपी से वार्ता की थी।