भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष ने जलकल विभाग में भ्रष्टाचार की मुख्यमंत्री से शिकायत की है। आरोप है कि चहेती फर्मों को लाभ पहुंचाने के लिए मानकों को ताक पर रखकर करोड़ों रुपये के फर्जी भुगतान की जमीन तैयार की गई है।
शिकायती पत्र के अनुसार जुलाई 2024 में महाप्रबंधक की तैनाती के बाद से चार फर्मों को लाभ पहुंचाया गया है। पारदर्शिता को दरकिनार कर जानबूझकर ऑफलाइन निविदाएं निकाली गईं।