राजामंडी रेलवे स्टेशन पर वर्ष 2013 में ट्रेन रोककर प्रदर्शन करने के मुकदमे में सुनवाई के दौरान तय चार तारीखों पर किसान नेता मोहन सिंह चाहर कोर्ट में हाजिर नहीं हुए। कोर्ट ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) जारी किया। इस पर सोमवार को वह अपने अधिवक्ताओं के साथ कोर्ट में पेश हुए। उन्होंने प्रार्थना पत्र देकर वारंट वापसी का निवेदन किया।
एसीजेएम अनुज कुमार सिंह ने पहले उन्हें कस्टडी में लेने के आदेश दिए। शाम को वारंट वापस लेते हुए उन्हें रिहा कर दिया। भाजपा के किसान नेता मोहन सिंह चाहर ने बताया कि 2013 में ट्रेन में बैठकर छात्र ग्वालियर परीक्षा देने जा रहे थे। मजिस्ट्रेट चेकिंग के दौरान उन्हें पकड़ लिया गया था। इस वजह से उनकी परीक्षा छूट गई थी।
सांसद रामशंकर कठेरिया के नेतृत्व में भाजपा के कार्यकर्ताओं ने राजामंडी रेलवे स्टेशन पर प्रदर्शन कर ट्रेन रोक दी। जीआरपी व आरपीएफ ने सांसद रामशंकर कठेरिया, विधायक योगेंद्र उपाध्याय, मनोज राघव, अनिल चौधरी सहित कई अन्य भाजपा नेताओं के खिलाफ के खिलाफ धारा 353, 283, 584, 147 आईपीसी के साथ ही रेलवे एक्ट की धारा 174 व 7 सीएलआर के तहत तीन अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की थी। मुकदमे में नियत चार तारीखों पर वह कोर्ट में हाजिर नहीं हो सके थे।