भाजपा से पहले चुनाव में वह 20,894 वोट पाने में कामयाब रहे। उसके बाद 1985 के चुनाव में सत्यप्रकाश विकल ने चुनाव परिणाम पलट दिए। कांग्रेस प्रत्याशी सतीश चंद्र गुप्ता को 145 वोटों से हराया और फिर 1996 के चुनाव में 57.81 प्रतिशत वोट हासिल कर जीत का अंतर 24 हजार वोट तक कर दिया।
सात बार कांग्रेस, तीन बार बसपा मुख्य प्रतिद्धंद्वी
आगरा उत्तर विधानसभा सीट पर लगातार 11 बार भाजपा जीत दर्ज कर चुकी है। इनमें 7 बार कांग्रेस प्रत्याशी, तीन बार बसपा और एक बार सपा प्रत्याशी हार का सामना कर चुके हैं। मतदाताओं की संख्या में इजाफा होने के साथ ही यहां जीत का अंतर भी बढ़ता गया। वर्ष 1985 में कांग्रेस के प्रत्याशी को 24,264 वोट मिले थे, जबकि आखिरी बार मुकाबले में वर्ष 2002 में कांग्रेस प्रत्याशी को 17,766 वोट ही मिले।
उसके बाद वर्ष 2007 से बसपा मुकाबले में आ गई। बसपा प्रत्याशी को इस सीट पर अधिकतम 48,800 वोट मिल पाए हैं, जबकि भाजपा प्रत्याशी को 1,35,120 वोट तक मिले हैं। 86,320 वोटों का भारी अंतर पाटना इस सीट पर विरोधी दलों के लिए चुनौती है।