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चुनावी इतिहास: 37 वर्षों से आगरा उत्तर विधानसभा सीट पर भाजपा का कब्जा, लगातार 11 चुनावों में खिला कमल

Mon, 24 Jan 2022 01:26 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

भाजपा के लिए आगरा उत्तर विधानसभा सीट पर पहली बार जीत का परचम सत्यप्रकाश विकल ने फहराया था।विकल ने सात बार चुनाव लड़ा, जिसमें पांच बार उन्होंने जीत दर्ज की। 
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भाजपा। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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37 साल पहले 1985 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने कांग्रेस से आगरा उत्तर सीट (पहले आगरा पूर्व) को छीना। तब महज 145 वोटों से पार्टी के प्रत्याशी ने जीत दर्ज की थी। उसके बाद से लेकर अब तक के 11 चुनावों में इस विधानसभा सीट पर भाजपा ने जीत दर्ज की है। हर चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी का जीत का अंतर बढ़ता रहा। 
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वर्ष 2017 के चुनाव में बढ़कर यह 86,320 वोट तक हो गया। आगरा की यही एक सीट ऐसी है, जिस पर दो बार उपचुनाव हो चुका है। पहली बार पूर्व मंत्री सत्यप्रकाश विकल के वर्ष 1998 में निधन और दूसरी बार विधायक जगन प्रसाद गर्ग के वर्ष 2019 में निधन के बाद यहां उपचुनाव हुए। दोनों बार उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी ही जीते।
सात चुनाव लड़े, पांच बार विधायक बने विकल
भाजपा के लिए आगरा उत्तर विधानसभा सीट पर पहली बार जीत का परचम सत्यप्रकाश विकल ने फहराया था। प्रदेश सरकार में पूर्व मंत्री रहे सत्य प्रकाश विकल ने इस सीट से सात बार चुनाव लड़ा। वह लगातार पांच बार विधायक रहे। उन्होंने सबसे पहले 1977 में निर्दलीय चुनाव लड़ा, लेकिन उसके बाद 1980 में भाजपा से वह प्रत्याशी बने। तब कांग्रेस के ओपी जिंदल ने उन्हें पांच हजार वोटों से हराया था। 
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भाजपा से पहले चुनाव में वह 20,894 वोट पाने में कामयाब रहे। उसके बाद 1985 के चुनाव में सत्यप्रकाश विकल ने चुनाव परिणाम पलट दिए। कांग्रेस प्रत्याशी सतीश चंद्र गुप्ता को 145 वोटों से हराया और फिर 1996 के चुनाव में 57.81 प्रतिशत वोट हासिल कर जीत का अंतर 24 हजार वोट तक कर दिया।

सात बार कांग्रेस, तीन बार बसपा मुख्य प्रतिद्धंद्वी
आगरा उत्तर विधानसभा सीट पर लगातार 11 बार भाजपा जीत दर्ज कर चुकी है। इनमें 7 बार कांग्रेस प्रत्याशी, तीन बार बसपा और एक बार सपा प्रत्याशी हार का सामना कर चुके हैं। मतदाताओं की संख्या में इजाफा होने के साथ ही यहां जीत का अंतर भी बढ़ता गया। वर्ष 1985 में कांग्रेस के प्रत्याशी को 24,264 वोट मिले थे, जबकि आखिरी बार मुकाबले में वर्ष 2002 में कांग्रेस प्रत्याशी को 17,766 वोट ही मिले। 

उसके बाद वर्ष 2007 से बसपा मुकाबले में आ गई। बसपा प्रत्याशी को इस सीट पर अधिकतम 48,800 वोट मिल पाए हैं, जबकि भाजपा प्रत्याशी को 1,35,120 वोट तक मिले हैं। 86,320 वोटों का भारी अंतर पाटना इस सीट पर विरोधी दलों के लिए चुनौती है।
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चुनाव जीते  वोट  दल  हारे  वोट  दल
1985 सत्यप्रकाश विकल  24,409 भाजपा सतीश चंद्र गुप्ता  24,264    कांग्रेस
1989 सत्यप्रकाश विकल 39,626 भाजपा सतीश चंद्र गुप्ता  25,123 कांग्रेस
1991 सत्यप्रकाश विकल 46,337 भाजपा  ओपी जिंदल 21,787  कांग्रेस
1993 सत्यप्रकाश विकल 48,055  भाजपा  ओपी जिंदल 24,299  कांग्रेस
1996 सत्यप्रकाश विकल  42,533  भाजपा बांकेबिहारी अग्रवाल 23,289 कांग्रेस
1998  जगन प्रसाद गर्ग - भाजपा(उपचुनाव)      
2002  जगन प्रसाद गर्ग 30,515    भाजपा गोविंद अग्रवाल  17,766  कांग्रेस
2007 जगन प्रसाद गर्ग 31,200 भाजपा सर्वप्रकाश कपूर 22,937    बसपा
2012 जगन प्रसाद गर्ग   68,401  भाजपा राजेश अग्रवाल    45,045  बसपा
2017  जगन प्रसाद गर्ग 1,35,120 भाजपा ज्ञानेंद्र गौतम  48,800 बसपा
2019 पुरुषोत्तम खंडेलवाल 1,05,762  भाजपा(उपचुनाव) सूरज शर्मा 45,731 सपा

 
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